कंगना रनौत ने बैठक में आपा खोया, अधिकारियों से भाषा नहीं थी उचित : नरेश चौहान
शिमला, 07 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत के अधिकारियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी) समिति की बैठक में कंगना रनौत ने आपा खोया और अधिकारियों के साथ जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह उचित नहीं थी। उन्होंने कहा कि सांसद को अपनी मर्यादा में रहकर अधिकारियों से बातचीत करनी चाहिए थी।
नरेश चौहान ने सोमवार को कहा कि सांसद को अधिकारियों से काम लेने और केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा करने का अधिकार है, लेकिन यह भी देखना जरूरी है कि बैठक में ऐसी स्थिति क्यों बनी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ योजना के अनुसार और विषयवार चर्चा होनी चाहिए थी। उनके अनुसार कंगना रनौत के व्यवहार में उनकी निराशा दिखाई दे रही थी और यह पूरा घटनाक्रम प्रचार पाने के प्रयास जैसा लगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी कहती रही है कि कंगना रनौत का क्षेत्र फिल्म है और उन्हें राजनीति में नहीं लाया जाना चाहिए था। चौहान ने कहा कि अब भाजपा भी इस फैसले को लेकर पछता रही है।
पार्टी चंदे के मुद्दे पर नरेश चौहान ने कहा कि कुछ गैर-पंजीकृत राजनीतिक दलों के पास करोड़ों रुपये का चंदा पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने इसे भविष्य के लिए गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस तरह का मॉडल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दलों को मिलने वाले चंदे के स्रोत की जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि पैसा कहां से आया।
नरेश चौहान ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा' जैसे दावे किए गए थे, लेकिन एजेंसियों के माध्यम से मामलों को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब कई चीजें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस राजनीतिक दल के पास 2014 में 100 करोड़ रुपये भी नहीं थे, उसके पास आज 10 हजार करोड़ रुपये हैं। हालांकि, उन्होंने इस दावे के संदर्भ में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर को लेकर चौहान ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में सरकार की आलोचना करना उनका अधिकार है, लेकिन विपक्ष की भूमिका केवल आलोचना तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को सरकार के कामकाज में सकारात्मक भूमिका भी निभानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

