नाहन में सुन्नी मुस्लिमो ने निभाई शिया की परंपरा, गुन्नू घाट से निकला चेहलम का ताजिया
नाहन, 02 अगस्त (हि.स.)। रियासतकालीन नाहन शहर में रविवार काे मुस्लिम समुदाय ने पैगम्बर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन के बलिदान को शोक महीने क़े 40 वें दिन ताजिया निकाल कर याद किया। इस दौरान गुंनुघाट से चेहलुम का ताजिया कर्बला कच्चा टैंक तक निकाला गया जिसमें सेंकडों मुस्लिमों ने इमाम हुसैन जिन्हें नमाज पढ़ने के दौरान क्रूर बादशाह ने कत्ल करवा दिया था, की कुर्बानी को याद किया। स्थान स्थान पर इस दौरान छबीलें लगाकर मीठे पानी को पिलाया गया ताकि इमाम हुसैन की आत्मा को शान्ति मिले।
कैप्टन सलीम सदस्य ताजिया कमेटी ने बताया कि नाहन में रियासत काल से ताजिये निकले जाते हैं जोकि शिया मुस्लिमों का त्यौहार है परन्तु नाहन में सुन्नी मुस्लिम इस परम्परा को निभा रहे हैं। इस अवसर पर मोहर्रम के आखिरी दिन और इस्लामिक कैलण्डर का पहला दिन इमाम हुसैन की शहादत के नाम किया गया है।
इस अवसर पर शहर में एक ताजिया निकाला गया और मातम मनाते इसी जामा मस्जिद कच्चा टैंक में दफन किया गया। इस जलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने भाग लिया
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

