चम्बा का अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला शुरू, राज्यपाल ने ध्वज फहराकर किया शुभारंभ
शिमला, 26 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला का ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मिंजर मेले का रविवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने ऐतिहासिक चौगान में मिंजर ध्वज फहराकर मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, श्रद्धालु और पर्यटक मौजूद रहे। शुभारंभ समारोह के दौरान अजीत भट्ट और उनकी मंडली ने पारंपरिक कुंजड़ी-मल्हार की प्रस्तुति दी। यह मंडली पिछले 32 वर्षों से इस सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन कर रही है।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सदियों पुराना मिंजर मेला हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने अपने मेलों, त्योहारों, लोक कलाओं और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि मिंजर जैसे मेले सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है और सामूहिक प्रयासों से ही नशामुक्त हिमाचल का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने इस दिशा में चंबा पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। राज्यपाल ने चंबा की विश्व प्रसिद्ध पारंपरिक हस्तकलाओं, जिनमें चंबा रूमाल, चंबा चप्पल और चंबा थाल शामिल हैं, का उल्लेख करते हुए स्थानीय शिल्पकारों के योगदान की भी प्रशंसा की।
इससे पहले कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने चंबा के कारगिल युद्ध के वीर शहीद आशीष थापा, खेम राज और ओम प्रकाश को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने उपस्थित लोगों को देश के वीर सैनिकों के बलिदान और आदर्शों का सम्मान करने की शपथ भी दिलाई। समारोह के दौरान कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैन्य कर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

