चम्बा के भरमौर में निर्माणाधीन पुल ध्वस्त, 2 साल से चल रहा था काम
शिमला, 07 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जनजातिय क्षेत्र भरमौर में रावी नदी पर निर्माणाधीन सियुर पुल मंगलवार सुबह अचानक ध्वस्त हो गया। इससे क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था प्रभावित हो गई और कई पंचायतों के लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह पुल होली से भरमौर तक सुगम संपर्क स्थापित करने और आसपास की पंचायतों को जोड़ने के उद्देश्य से बनाया जा रहा था, लेकिन सुबह करीब आठ बजे पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और चट्टानें पुल पर गिरने से इसका बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर निर्माण सामग्री सहित रावी नदी में जा पहुंचा।
लोक निर्माण विभाग की ओर से इस पुल का निर्माण पिछले लगभग दो वर्षों से किया जा रहा था और इस पर करीब 4 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे, जबकि पुल के दोनों छोर पर स्टील रेलिंग का काम भी पूरा हो चुका था। अगले कुछ महीनों में इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही पुल के ढहने से विभाग को लाखों रुपये का अतिरिक्त नुकसान होने का अनुमान है।
भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने पुल के ध्वस्त होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग को स्थिति का आकलन कर जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रभावित पंचायतों के लोगों को राहत मिल सके।
प्रदेश में 3 दिन भारी बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट
इस बीच प्रदेश में मौसम के तेवर फिर बिगड़ गए हैं। राज्य के उच्च पर्वतीय इलाकों में हल्का हिमपात हो रहा है। मौसम विभाग ने आज (सात अप्रैल) और कल (आठ अप्रैल) के लिए शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों में भारी वर्षा, ओलावृष्टि, बिजली चमकने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। आठ अप्रैल को सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में फिर से ऑरेंज अलर्ट रहेगा और हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना तथा चंबा जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा। नौ अप्रैल को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट रहेगा तथा 10 से 13 अप्रैल तक पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम के बिगड़ने से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि हाल ही में हुई ओलावृष्टि से सेब के पौधों, सब्जियों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच चुका है और दोबारा ओलावृष्टि की आशंका नई फसल पर असर डाल सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ गया है और तापमान बढ़ते क्रम में कलपा 0.4 डिग्री, कुकुमसेरी 0.4 डिग्री, ताबो 1.1 डिग्री, मनाली 5.5 डिग्री, सियोबाग 5.8 डिग्री, सराहन 7.5 डिग्री, शिमला 8.0 डिग्री, भुंतर 8.0 डिग्री, सोलन 8.5 डिग्री, पालमपुर 10.0 डिग्री, सुंदरनगर 10.1 डिग्री, जुब्बड़हट्टी 10.3 डिग्री, धर्मशाला 11.2 डिग्री, बरठीं 11.8 डिग्री, नाहन 12.0 डिग्री, मंडी 12.1 डिग्री, कांगड़ा 13.2 डिग्री, ऊना 13.7 डिग्री, बिलासपुर 14.0 डिग्री, देहरा गोपीपुर 14.0 डिग्री और पांवटा साहिब 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

