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शिमला में जनगणना का दूसरा चरण जारी, अस्थाई निवासियों से भी मांगी जा रही पूरी जानकारी

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शिमला, 05 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण का काम 1 सितंबर से शुरू हो गया है। यह चरण 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस चरण में पूरी तरह और आंशिक रूप से बर्फबारी वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

जिला शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति को पूरी तरह हिमाच्छादित क्षेत्र में रखा गया है। चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिले आंशिक रूप से हिमाच्छादित क्षेत्रों में शामिल हैं। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए इन क्षेत्रों में जनगणना का काम निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा।

इसी क्रम में शिमला शहर में भी जनगणना का दूसरा चरण चल रहा है। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल और जनगणना विभाग के संयुक्त निदेशक पंकज सिन्हा ने शिमला में संयुक्त पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी।

नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने बताया कि शिमला शहर में प्रगणक लोगों से 40 सवाल पूछ रहे हैं। इनमें नाम, धर्म, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, परिवार से जुड़ी जानकारी, भाषा, शिक्षा, रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और प्रवास से संबंधित सवाल शामिल हैं। उन्होंने शहर के लोगों से जनगणना के काम में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि शिमला में रह रहे अस्थाई निवासियों को भी ‘जो जहां है’ के आधार पर अपनी पूरी जानकारी देनी होगी। यानी जनगणना के दौरान व्यक्ति जिस स्थान पर रह रहा है, उसकी गणना वहीं की जाएगी।

संयुक्त निदेशक पंकज सिन्हा ने कहा कि सभी 40 सवालों के जवाब महत्वपूर्ण हैं। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास नीतियां और योजनाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने बताया कि शिमला में जनगणना के पहले चरण के दौरान लोगों में कुछ भ्रम देखने को मिले थे। इसके चलते मकान गणना में कई मकान खाली दर्ज हुए। उनके अनुसार, इसका एक कारण शिमला में रह रहे अस्थाई निवासियों की ओर से सही जानकारी दर्ज नहीं कराया जाना था।

सिन्हा ने कहा कि लोगों को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि वे शहर के स्थाई निवासी नहीं हैं, इसलिए उनकी गणना नहीं होगी। देशभर में लागू जनगणना के निर्देशों के अनुसार व्यक्ति जहां रह रहा है, उसकी गणना उसी स्थान पर की जाएगी। व्यक्ति अपने स्थाई पते और जन्म स्थान की जानकारी अलग से दर्ज करा सकता है।

उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी निर्धारित प्रपत्र के अनुसार दर्ज की जाएगी। उन्होंने लोगों से प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी देने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा