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हिमाचल में जनगणना होगी डिजिटल, 1 जून से खुद ऑनलाइन भर सकेंगे जानकारी

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शिमला, 22 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में होने वाली ‘जनगणना 2027’ इस बार पूरी तरह डिजिटल तकनीक के सहारे की जाएगी। पहली बार लोगों को खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन भरने का मौका मिलेगा। इसके लिए राज्य में 1 जून से 15 जून 2026 तक स्व-गणना की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके बाद 16 जून से 15 जुलाई तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम घर-घर जाकर किया जाएगा।

शिमला स्थित जनगणना कार्य निदेशालय के मुताबिक इस बार जनगणना की प्रक्रिया पारंपरिक कागजी व्यवस्था से अलग होगी और इसमें डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

आम लोग सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना के लिए केंद्र सरकार ने se.census.gov.in पोर्टल तैयार किया है। पोर्टल पर जानकारी भरने के बाद लोगों को 11 अंकों का एक स्व-गणना आईडी नंबर मिलेगा। जब 16 जून से जनगणना कर्मी घर-घर सर्वे के लिए पहुंचेंगे तो लोगों को यह आईडी दिखानी होगी। इसके बाद पोर्टल पर भरी गई जानकारी सीधे प्रगणक के मोबाइल ऐप में दिखाई देगी।

इस बार फील्ड में तैनात प्रगणक कागजी फॉर्म लेकर नहीं जाएंगे।

वे एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इससे डेटा तुरंत ऑनलाइन दर्ज होगा और गलती की संभावना कम होगी। साथ ही आंकड़ों को तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज होगी। पूरी जनगणना प्रक्रिया की निगरानी और प्रबंधन के लिए सीएमएमएस पोर्टल भी तैयार किया गया है। इसके जरिए अधिकारियों को प्रशिक्षण, प्रगति की निगरानी और संसाधनों के प्रबंधन में मदद मिलेगी।

डायरेक्टर, जनगणना निदेशालय हिमाचल प्रदेश दीपशिखा शर्मा ने कहा कि भारत सरकार आगामी जनगणना को आधुनिक, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और डेटा ज्यादा सटीक तरीके से तैयार हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह डिजिटल इंडिया और विकसित भारत 2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस नई व्यवस्था से समय और संसाधनों की बचत होगी तथा पर्यावरण के अनुकूल तरीके से कम समय में अंतिम आंकड़े तैयार किए जा सकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा