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हिमाचल के किन्नौर में नेशनल हाइवे पर लोहे का पुल टूटा, रेत से भरा टिप्पर गिरा

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हिमाचल के किन्नौर में नेशनल हाइवे पर लोहे का पुल टूटा, रेत से भरा टिप्पर गिरा


शिमला, 23 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर स्थित चोलिंग के पास बना लोहे का पुल मंगलवार को अचानक ध्वस्त हो गया। इससे हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। पुल टूटने के समय उस पर से गुजर रहा रेत से भरा एक टिप्पर भी इसकी चपेट में आ गया। वाहन चालक ने किसी तरह अपनी जान बचाई, हालांकि उसे मामूली चोटें आई हैं। पुल के टूटते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।

सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इस मार्ग पर यातायात रोक दिया है और वाहनों को वैकल्पिक रूप से उरणी मार्ग से भेजा जा रहा है। किन्नौर जैसे सीमावर्ती जिले में एनएच-5 जीवनरेखा माना जाता है, ऐसे में पुल के ध्वस्त होने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को आने वाले दिनों में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पहले भी खतरे में आ चुका था चोलिंग पुल

चोलिंग पुल पहले भी खतरे की जद में रह चुका है। वर्ष 2021 में अप्रैल महीने के दौरान पहाड़ियों से भारी-भरकम चट्टानें गिरने के कारण पुल को नुकसान पहुंचा था। उस समय पुल पर लगी लोहे की प्लेटें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और संरचना की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल को कुछ दिनों के लिए बंद कर मरम्मत करवाई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका भूस्खलन और चट्टानें गिरने की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। प्रशासन ने पुल के ध्वस्त होने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी टीमों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल लोगों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में 29 जून तक खराब रहेगा मौसम, मानसून की दस्तक का इंतजार

उधर, प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदला-बदला बना हुआ है। मौसम विभाग ने 29 जून तक हिमाचल के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। मंगलवार को राज्य के अधिकांश मैदानी इलाकों में धूप खिली है, जबकि कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही देखी गई। बीते 24 घंटों के दौरान जोत में सर्वाधिक 22 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सलापड़ में 14 मिलीमीटर, धौलाकुआं में 9 मिलीमीटर, भरमौर में 5 मिलीमीटर तथा कुछ अन्य स्थानों पर हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमाचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तौर पर 25 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने से दस्तक में देरी हो रही है। हालांकि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में वर्षा गतिविधियों में तेजी आ सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा