home page

शिमला में बम धमाके के धमकी भरे पोस्टर, एसडीएम दफ्तर और अदालत खाली कराए गए

 | 
शिमला में बम धमाके के धमकी भरे पोस्टर, एसडीएम दफ्तर और अदालत खाली कराए गए


शिमला, 06 मई (हि.स.)। राजधानी शिमला के भराड़ी इलाके में बुधवार सुबह बम धमाके की धमकी वाले पोस्टर लगने से हड़कंप मच गया। इन पोस्टरों में रोहड़ू के एसडीएम कार्यालय और अदालत को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं।

स्थानीय लोगों ने भराड़ी सड़क पर लगे इन पोस्टरों को देखा तो पुलिस को सूचना दी। पोस्टर में लिखा था कि “धमाके की गूंज दिल्ली तक सुनाई देगी”, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पोस्टरों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन्हें किसने लगाया।

इस मामले में एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि शिमला पुलिस को भराड़ी रोड के पास एक अज्ञात पोस्टर मिलने की सूचना मिली थी, जिसमें रोहड़ू स्थित अदालत परिसर और एसडीएम कार्यालय में बम विस्फोट की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि रोहड़ू में अदालत परिसर और एसडीएम कार्यालय को सुरक्षा के मद्देनजर खाली करवा लिया गया है। सभी वाहनों को परिसर से हटा दिया गया है और मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच चुका है और पूरे क्षेत्र की गहन जांच की जा रही है।

एसएसपी के अनुसार अभी तक किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है। इस संबंध में थाना सदर में मामला दर्ज कर लिया गया है और विधि अनुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

इस बीच, रोहड़ू में तलाशी अभियान के साथ-साथ सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। शिमला पुलिस की साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं और धमकी देने वालों की पहचान करने में जुटी हैं।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और शांति बनाए रखें। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की भी सलाह दी गई है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से शिमला में इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। दो दिन पहले ही शहर के कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद एक निजी स्कूल को एहतियात के तौर पर खाली करवाया गया था। इससे पहले राज्य सचिवालय, हाईकोर्ट और जिला अदालत को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा