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आचार संहिता में इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाना चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश: भाजपा पार्षद कमलेश मेहता

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आचार संहिता में इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाना चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश: भाजपा पार्षद कमलेश मेहता


शिमला, 05 मई (हि.स.)। राजधानी शिमला में कचरा उठाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। भाजपा की नगर निगम पार्षद और महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव कमलेश मेहता ने आरोप लगाया है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

कमलेश मेहता ने कहा कि जब पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू है, तब मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य लोग इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम कर रहे हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने इसे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बताया और चुनाव आयोग से इस मामले की जांच करने की मांग की। उनका कहना है कि यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं इसमें सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग तो नहीं हुआ है।

उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार जिन वाहनों को बड़े स्तर पर प्रचार के साथ शुरू किया गया, वे शुरुआत में ही ठीक से नहीं चल पाए और कुछ जगहों पर बंद हो गए। उन्होंने कहा कि इससे सरकार के दावों पर सवाल खड़े होते हैं और यह दिखाता है कि तैयारियां पूरी नहीं थीं।

भाजपा पार्षद ने कहा कि इन वाहनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन न तो ये तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार हैं और न ही इनके संचालन को लेकर कोई साफ व्यवस्था नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से प्रयोग किया जा रहा है और फिर इसे उपलब्धि के रूप में दिखाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर काम करने में विफल रही है और अब केवल प्रचार के जरिए लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर सरकार गंभीर नहीं है।

कमलेश मेहता ने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि इस तरह की गतिविधियां निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब इन बातों को समझ रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा