मतदाता सूचियों की शुद्धता से कांग्रेस बौखलाई, राष्ट्रविरोधी ताकतों को समर्थन दे रहा विपक्ष : श्रीकांत शर्मा
शिमला, 20 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी और उत्तर प्रदेश के मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन उनके राजनीतिक आचरण से राष्ट्रविरोधी ताकतों को अप्रत्यक्ष समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विरोध कर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक बेचैनी जाहिर की है।
श्रीकांत शर्मा ने मंगलवार को कहा कि संविधान की प्रति और तिरंगा लेकर चलने वाले विपक्षी नेताओं को अपने राजनीतिक आचरण पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर भी वोट बैंक की राजनीति करते हैं। उनके अनुसार, देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करने, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने और घुसपैठ रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की नीतियों के कारण सीमा पार से संचालित आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
शर्मा ने कहा कि पहले देश के विभिन्न शहरों में आतंकवादी घटनाओं का भय बना रहता था। उन्होंने हैदराबाद, कानपुर और अन्य शहरों में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि अब भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इन मुद्दों पर भी राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं।
मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण पर कांग्रेस के रुख को लेकर शर्मा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और पारदर्शी होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि सूचियों में ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनके पते या वास्तविक निवास का सत्यापन नहीं हो पाया है। उनके अनुसार, अपात्र और फर्जी नामों को नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया का विरोध करने के बजाय विपक्ष को निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था का समर्थन करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत से परेशानी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मजबूत होने पर विपक्षी दल अपने मतभेद भुलाकर एकजुट हो जाते हैं। उन्होंने दिल्ली के राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए इसे विपक्षी दलों की राजनीति का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहा है। अब उसकी बयानबाजी सत्ता और व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दों की ओर बढ़ रही है। शर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के इस रुख से उसकी राजनीतिक मंशा सामने आ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

