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एसआईआर का विरोध कर जनता में भ्रम फैला रही कांग्रेस : रणधीर शर्मा

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एसआईआर का विरोध कर जनता में भ्रम फैला रही कांग्रेस : रणधीर शर्मा


शिमला, 08 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कांग्रेस के आंदोलन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक संवैधानिक प्रक्रिया का विरोध कर जनता में भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि संविधान की दुहाई देने वाले कांग्रेस नेताओं को पहले संविधान और चुनाव संबंधी कानूनों को समझना चाहिए।

शिमला में वीरवार को पत्रकार वार्ता में रणधीर शर्मा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का अधिकार है। उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। 2002 से 2004 के बीच भी ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई थी और वर्ष 2025 में फिर विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू हुआ। ऐसे में कांग्रेस का इसका विरोध करना उसके रुख में विरोधाभास दिखाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से वोट चोरी और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे हैं। जब एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूचियों की जांच, दोहरे नामों की पहचान, अपात्र प्रविष्टियों को हटाना और पात्र नागरिकों के नाम सुनिश्चित करना है तो कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि उसके वोट चोरी के आरोप तथ्यों पर आधारित थे या राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा।

रणधीर शर्मा ने कहा कि चुनाव हारने पर कांग्रेस ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है, जबकि जीतने पर परिणाम को जनादेश बताती है। उन्होंने हिमाचल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत तथा पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावों में भी ईवीएम से मतदान हुआ था। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूछा कि यदि उन्हें चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो क्या वह अपनी चुनावी जीत पर भी सवाल उठाकर पद से इस्तीफा देंगे।

उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि चार नगर निगमों में भाजपा तीन स्थानों पर जीती और कांग्रेस एक स्थान पर विजयी रही। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जनसमर्थन मिला। इससे स्पष्ट है कि मतदान ईवीएम से हो या बैलेट पेपर से, मतदाता अपनी पसंद जाहिर करते हैं।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों से ध्यान हटाने के लिए चुनाव आयोग को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर आपत्ति है तो कांग्रेस को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए। भाजपा मतदाता सूचियों की शुद्धता, पारदर्शिता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा के पक्ष में है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा