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कांग्रेस सरकार बताए, पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियों की गारंटी का क्या हुआ : संदीपनी भारद्वाज

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कांग्रेस सरकार बताए, पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियों की गारंटी का क्या हुआ : संदीपनी भारद्वाज


शिमला, 04 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश में रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार से चुनावी वादे का हिसाब मांगा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में करीब एक लाख नौकरियां देने की बात कर रही है।

भारद्वाज ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को सरकारी क्षेत्र में स्थायी रोजगार का भरोसा दिया था। उन्होंने सवाल किया कि पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियां देने की गारंटी अब कहां है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि चुनाव के समय किया गया वादा पूरा करने की दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की ओर से सामने आए आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 32,223 सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि करीब 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने दिसंबर 2026 तक सरकारी नौकरियों की संख्या 50 हजार तक पहुंचाने और अगले वर्ष 30 हजार से अधिक नौकरियां देने का लक्ष्य बताया है।

भारद्वाज ने कहा कि सरकार के ये आंकड़े ही चुनावी वादे और मौजूदा स्थिति के बीच का अंतर बताते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने की बात कही गई थी। अब पूरे पांच साल में करीब एक लाख नौकरियां देने का लक्ष्य बताया जा रहा है।

उन्होंने सरकार के कार्यकाल में हुई कुछ नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए। भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवा नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सभी भर्तियों में योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर समान अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने सरकार से नियमित सरकारी नौकरियों, अस्थायी नियुक्तियों, आउटसोर्स रोजगार और निजी क्षेत्र में पैदा हुए रोजगार के आंकड़े अलग-अलग जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन सभी श्रेणियों को एक साथ जोड़कर रोजगार का बड़ा आंकड़ा पेश करने से पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने के चुनावी वादे का जवाब नहीं मिलता।

भारद्वाज ने कहा कि सरकार बताए कि पहली कैबिनेट के वादे के तहत कितनी पक्की नौकरियां स्वीकृत की गईं, कितने युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और कितनी नौकरियों में 58 वर्ष तक सेवा सुरक्षा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि हिमाचल का युवा नए लक्ष्य नहीं, चुनाव के समय दी गई गारंटी का हिसाब मांग रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा