home page

सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कांग्रेस सरकार की कर्मचारी विरोधी सोच को किया उजागर : भाजपा

 | 
सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कांग्रेस सरकार की कर्मचारी विरोधी सोच को किया उजागर : भाजपा


शिमला, 30 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए बड़ा झटका बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इस बात का संकेत है कि कांग्रेस सरकार की नीतियां शुरू से ही कर्मचारियों के हितों के खिलाफ रही हैं। उन्होंने वीरवार को शिमला में कहा कि जब सरकार ने विधानसभा में कर्मचारियों की सेवा शर्तों में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश किया था, तब भाजपा ने उसका विरोध किया था और सरकार को इसके कानूनी परिणामों को लेकर आगाह भी किया था।

रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा के भीतर यह मुद्दा उठाया था कि कर्मचारियों की कॉन्ट्रैक्ट अवधि को वरिष्ठता और वित्तीय लाभों में शामिल नहीं करना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि उस समय भी भाजपा ने कहा था कि बहुमत के आधार पर कानून बनाया जा सकता है, लेकिन यदि वह संविधान और कानून की कसौटी पर खरा नहीं उतरता तो अदालत में टिक नहीं पाएगा। उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भाजपा की उस आशंका को सही साबित कर दिया है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्मचारियों से जुड़े कई मामलों में अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्तें समय पर नहीं मिल रही हैं। वेतन भुगतान में भी देरी हो रही है। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य वित्तीय देनदारियों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल, महंगाई भत्ते की बकाया किस्तों सहित करीब 2,000 करोड़ रुपये की देनदारियां अभी लंबित हैं और सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपनी संपत्ति से जुड़ी रिपोर्ट के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक असफलताओं और हाल के चुनावी झटकों के कारण तथ्यहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संपत्ति संबंधी रिपोर्ट एक गैर-सरकारी संस्था ने चुनावी हलफनामों के आधार पर तैयार की है और उसका भाजपा से कोई संबंध नहीं है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह देने, किसानों से 100 रुपये प्रति लीटर दूध खरीदने और युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार देने जैसी कई गारंटियां दी थीं। उनका आरोप है कि सरकार इन वादों को पूरा करने के बजाय लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को निराधार आरोप लगाने के बजाय कर्मचारियों और प्रदेश की जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। यदि सरकार अपनी गारंटियां पूरी नहीं कर पाई है तो मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कर्मचारियों और प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा