विश्वविद्यालयों के फैसलों पर हाईकोर्ट की रोक, सरकार जवाब दे : जमवाल
शिमला, 11 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में विश्वविद्यालयों के प्रशासन और कुलपति नियुक्तियों को लेकर उठे विवादों पर विपक्षी दल भाजपा ने सुक्खू सरकार को घेरा है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार डीन और रजिस्ट्रार को सौंपने के आदेश पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से पूछा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में बार-बार विवाद क्यों पैदा हो रहे हैं।
जमवाल ने रविवार को एक बयान में कहा कि 27 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्तियों से जुड़े राज्य सरकार के संशोधित प्रावधानों को असंवैधानिक करार देकर निरस्त कर दिया था। अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2018 के नियमों के अनुरूप रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इससे पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय और नौणी बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई।
भाजपा नेता ने वर्ष 2025 में कुलपति नियुक्तियों को लेकर राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच हुए मतभेदों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अगस्त 2026 में विधानसभा से पारित हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सरकारी नियंत्रण बढ़ने की आशंका जताई थी।
जमवाल ने आरोप लगाया कि सरकार विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था पर नियंत्रण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों के रिक्त पद भरने, शैक्षणिक सुविधाएं बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की कमी, संस्थानों के बंद होने या विलय और दूरदराज क्षेत्रों में सुविधाओं की उपलब्धता पर भी चिंता जताई।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कुलपति नियुक्तियों से जुड़े न्यायिक फैसलों के बाद क्या सुधार किए गए हैं, राजभवन के साथ बार-बार मतभेद क्यों होते हैं और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए क्या नीति है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

