कांग्रेस सरकार ने साढ़े तीन साल में वादाखिलाफी और कुशासन का रिकॉर्ड बनाया : बिक्रम ठाकुर
शिमला, 15 जुलाई (हि.स.)। पूर्व उद्योग मंत्री और भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने चुनावी वादे पूरे करने में नाकाम रही है और उसके कार्यकाल में भ्रष्टाचार, कुशासन, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और विकास कार्यों में सुस्ती देखने को मिली है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट नहीं रहीं और उसका अधिक समय राजनीतिक समीकरणों और सत्ता से जुड़े मुद्दों में बीता।
बुधवार को मीडिया से बातचीत में बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री बेहतर शासन के दावे करते हैं, लेकिन प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, उद्योगों में निवेश की रफ्तार धीमी है और कई विकास परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। उनका कहना था कि सरकार का काम घोषणाओं और प्रचार तक सीमित रह गया है और लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।
उन्होंने नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क का मुद्दा भी उठाया। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के समय मंजूर हुई यह परियोजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती थी। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने परियोजना के साझा बुनियादी ढांचे के लिए 100 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह राशि वापस कर दी। उनका आरोप है कि इससे हजारों युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक परियोजना स्थल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ और अब सरकार 20 हजार करोड़ रुपये के कारोबार के दावे कर रही है।
अवैध खनन के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में खनन माफिया को सत्ता से जुड़े लोगों का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से अवैध खनन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उनका दावा था कि आने वाले समय में एक कैबिनेट मंत्री से जुड़े तथ्य भी सामने आएंगे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कानून व्यवस्था पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल जैसे शांत राज्य में अब फिरौती, संगठित अपराध और खुलेआम हमलों जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बिलासपुर की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का डर कम हुआ है और सरकार इस मोर्चे पर विफल रही है।
नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार नशा विरोधी अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, फिर भी कुल्लू में खुलेआम ड्रग पार्टियां होने की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अदालत भी कुछ मामलों में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठा चुकी है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी थी। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की, लेकिन सरकार ने उस पर अब तक अमल नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है तो रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

