शिमला में आत्मनिर्भर यात्रा क्षेत्रीय आउटरीच सम्मेलन, 100 से अधिक स्टार्टअप और शोधकर्ता हुए शामिल
शिमला, 27 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में स्वदेशी तकनीक, नवाचार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को शिमला स्थित सचिवालय में 'आत्मनिर्भर यात्रा-क्षेत्रीय आउटरीच सम्मेलन' आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन हिमकॉस्ट और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड-टीडीबी) के सहयोग से किया गया। इसमें 100 से अधिक स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), उद्योगों के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं और शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
सम्मेलन का शुभारंभ पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के स्टार्टअप, एमएसएमई, उद्योगों और अनुसंधान संस्थानों को प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की विभिन्न सहायता योजनाओं की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम नवप्रवर्तकों, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और सरकारी एजेंसियों के बीच संवाद का प्रभावी मंच उपलब्ध करा रहा है, जिससे नई तकनीकों को उद्योगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
सुशील कुमार सिंगला ने कहा कि इस पहल के माध्यम से टीडीबी की योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। साथ ही हिमाचल के स्टार्टअप को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों से जोड़ने और स्वदेशी तकनीकों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और नवाचार आधारित उद्यमों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन में पर्यावरण के अनुकूल और तकनीक आधारित उद्योगों के विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस दिशा में भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग कर प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं और स्थानीय उद्यमों को मजबूत बनाया जा सकता है।
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की भूमिका पर चर्चा करते हुए बताया गया कि टीडीबी वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराकर प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों को उद्योगों और बाजार तक पहुंचाने का काम कर रहा है। बोर्ड ने हिमाचल के स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्योगों से उसकी विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

