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मिड-डे मील की जगह परोसा जाएगा ‘अतिथि भोज’, जन्मदिन और शादी की खुशियां बच्चों के साथ मनाएंगे लोग

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शिमला, 28 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब जन्मदिन, शादी की सालगिरह, विवाह, सेवानिवृत्ति और अन्य खुशी के अवसर बच्चों के साथ साझा किए जा सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं कि इच्छुक व्यक्ति सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए ‘अतिथि भोज’ आयोजित कर सकते हैं। ऐसे अवसरों पर बच्चों को नियमित मिड-डे मील के स्थान पर विशेष भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

शिक्षा विभाग के अनुसार इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के साथ समाज और स्कूलों के बीच जुड़ाव को मजबूत करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिथि भोज की पूरी व्यवस्था स्कूल परिसर के भीतर ही होगी। किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों को भोजन के लिए स्कूल से बाहर नहीं ले जाया जाएगा। यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने को ध्यान में रखकर तय की गई है।

प्रदेश के करीब 14 हजार सरकारी स्कूलों में अब तक 372 अतिथि भोज आयोजित किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि लोगों में इस पहल को लेकर लगातार रुचि बढ़ रही है। कई अभिभावक, समाजसेवी और अन्य नागरिक अपने विशेष अवसरों को विद्यार्थियों के साथ मनाने के लिए स्कूलों से संपर्क कर रहे हैं। इससे बच्चों को सामान्य दिनों से अलग अनुभव मिलता है और स्कूलों में उत्साह का माहौल बनता है।

कई स्थानों पर लोग भोजन कराने के साथ-साथ विद्यार्थियों को कॉपियां, किताबें, पेंसिल, स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी भेंट कर रहे हैं। इससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग मिल रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस तरह की भागीदारी से सरकारी स्कूलों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है और स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी बढ़ रही है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिथि भोज के आयोजन के लिए किसी स्कूल द्वारा अतिरिक्त खर्च या आर्थिक सहयोग नहीं मांगा जाएगा। पूरी व्यवस्था स्वैच्छिक आधार पर होगी और भोजन निर्धारित मानकों के अनुसार ही परोसा जाएगा। अतिथि भोज वाले दिन मिड-डे मील के लिए निर्धारित खाद्य सामग्री और व्यय की बचत भी होती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा