राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दिव्यांगजनों को वितरित किए कृत्रिम अंग
शिमला, 30 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मंगलवार को शिमला स्थित लोक भवन में गैर-सरकारी संस्था एक्ट ह्यूमेन और हिमाचल प्रदेश राज्य रेड क्रॉस सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कृत्रिम अंग वितरण शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब 15 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान किए गए। इन कृत्रिम अंगों के माध्यम से लाभार्थियों को फिर से बेहतर शारीरिक गतिशीलता हासिल करने और अधिक आत्मनिर्भर जीवन जीने में सहायता मिलेगी।
शिविर में ऊना, कांगड़ा, रोहड़ू, शिमला और सिरमौर जिलों से विभिन्न आयु वर्ग के लाभार्थी पहुंचे थे। इन लाभार्थियों का चयन 4 जून को राज्य रेड क्रॉस भवन में आयोजित पंजीकरण और मूल्यांकन शिविर के आधार पर किया गया था। उस शिविर में पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उनकी जरूरतों का आकलन किया गया था, जिसके बाद उन्हें कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाए गए।
इस अवसर पर लाभार्थियों से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कई बार दुर्घटनाओं या अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण लोगों की चलने-फिरने और दैनिक कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम अंग जैसे सहायक साधन केवल शारीरिक क्षमता लौटाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे लोगों में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और जीवन के प्रति नई उम्मीद भी पैदा करते हैं। उन्होंने लाभार्थियों को जीवन की चुनौतियों का साहस और सकारात्मक सोच के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने एक्ट ह्यूमेन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने दिव्यांगजनों तक पहुंचकर उन्हें आधुनिक कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराने के लिए संस्था और राज्य रेड क्रॉस सोसायटी के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने लोगों से ऐसी जनकल्याणकारी पहलों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया और कहा कि दिव्यांगजन स्वयं को कभी भी कमजोर या दूसरों से कम न समझें।
उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और उचित सहयोग के बल पर कोई भी व्यक्ति सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकता है।
कार्यक्रम में एक्ट ह्यूमेन की संस्थापक हरलीन कौर ने बताया कि संस्था इससे पहले सोलन, कांगड़ा, धर्मशाला और मंडी में भी कृत्रिम अंग वितरण शिविर आयोजित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि संस्था जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा उपचार के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि संस्था ने दिव्यांगजन-अनुकूल आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी कई पहल की हैं। सोलन मॉल रोड स्थित चिल्ड्रन्स पार्क को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाया गया है, जबकि शिमला के रानी झांसी पार्क और ब्रॉकहर्स्ट पार्क को भी व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुगम बनाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

