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हिमाचल में फीका रहा सेब सीजन, बाजार पहुंचीं सिर्फ 1.23 करोड़ पेटियां

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शिमला, 09 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इस बार सेब सीजन फीका रहा। मौसम अनुकूल नहीं रहने से सेब की फसल प्रभावित हुई और बाजार में करीब 1 करोड़ 23 लाख पेटियां ही पहुंच सकीं। पिछले वर्ष राज्य में 3.20 करोड़ सेब पेटियां का उत्पादन हुआ था। इस बार सेब सीजन में अंत तक सेब कारोबार 1.60 करोड़ तक सिमटने का अनुमान है। सेब सीजन के अंतिम दौर में पहुंचने के बीच राज्य सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब की खरीद दर 12 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये प्रति किलोग्राम करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि नई दर लागू करने के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलना बाकी है।

राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।

उन्होंने एमआईएस के तहत सेब की खरीद और बागवानों को भुगतान के मुद्दे पर भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछली भाजपा सरकार से विरासत में मिली 114 करोड़ रुपये की देनदारी का भुगतान किया है। इसके अलावा एमआईएस के तहत 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

जगत सिंह नेगी के अनुसार इस साल एमआईएस के तहत करीब 13 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद हुई है, जबकि पिछले साल यह मात्रा 79 हजार मीट्रिक टन थी। खरीद की मात्रा में आई इस कमी के बीच सरकार ने योजना के तहत खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऐप भी शुरू किया है। उनका कहना है कि इससे खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।

छोटी मात्रा में सेब बेचने वाले बागवानों को भी भुगतान

बागवानी मंत्री ने बताया कि एमआईएस के तहत 30 बोरियों से कम सेब बेचने वाले 11,285 बागवानों को भुगतान किया गया है। वहीं, 2,827 बागवान ऐसे हैं, जिनसे 100 से कम बोरियों की खरीद की गई। इसके अलावा करीब 2 हज़ार बागवान ऐसे हैं, जिनसे 100 से अधिक बोरियों की खरीद हुई है।

मंत्री के मुताबिक करीब 5 हज़ार बागवानों ने अभी तक अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं। ऐसे में भुगतान की प्रक्रिया में दस्तावेजों का जमा होना भी महत्वपूर्ण है। सरकार ने भुगतान और खरीद व्यवस्था को लेकर भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी ओर से किए गए भुगतान का ब्योरा दिया है।

उन्होंने कहा कि एमआईएस के तहत वर्ष 2023 में सेब की खरीद दर बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम की गई थी। अब सरकार इसे बढ़ाकर 13 रुपये प्रति किलोग्राम करने का प्रस्ताव लेकर आई है। हालांकि इस प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद ही नई दर लागू हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा