मियां मंदिर की जर्जर दीवार के नीचे दहशत में जी रहे परिवार
नाहन, 10 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली बारिश ने जिला मुख्यालय नाहन में कई जगह संकट खड़ा कर दिया है। लेकिन नाहन के मियां मंदिर के पास रहने वाले स्थानीय परिवार पिछले 11 सालों से एक प्रशासनिक अनदेखी के कारण बड़े हादसे के खौफ में जीने को मजबूर हैं। मियां मंदिर की जर्जर हो चुकी दीवार और ढांचा साथ लगते मकानों के साथ बिल्कुल सटा हुआ है, जो कभी भी धराशायी हो सकता है। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवार साल 2015 से लगातार प्रशासन, विधायकों और मुख्यमंत्रियों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकला।
स्थानीय निवासी सत्यदेव सिंघानिया ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से लगातार शिकायतें कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन हर बार इसे अस्थाई रूप से ठीक करके छोड़ देता है। पिछले साल 2025 में भी यहाँ मलबा गिरा था, जिसे थोड़ा-बहुत हटाया गया था। लेकिन इस मानसून में स्थिति और अधिक खौफनाक हो चुकी है। मंदिर की दीवार अब पूरी तरह से तिरछी हो चुकी है, जिसके नीचे सिंघानिया परिवार का टॉयलेट और बाथरूम आता है। खतरा इतना बढ़ चुका है कि परिवार को अब अपना बाथरूम अंदर बरामदे में शिफ्ट करना पड़ा है।
इसी मंदिर से बिल्कुल सटकर एक और घर है, जहाँ पूर्णिमा और उनकी माता रहती हैं। इस घर पर भी हादसे का उससे भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। पूर्णिमा ने बताया कि इस समस्या को सुलझाने के लिए उनके पिता ने जीते-जी सरकारी दफ्तरों के बेहद चक्कर काटे, लेकिन प्रशासन की कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब उनके पिता के बाद पूर्णिमा खुद अपनी माता की सुरक्षा और इस जर्जर दीवार को ठीक करवाने की जंग लड़ रही हैं।
प्रभावित परिवारों ने स्थानीय विधायक अजय सोलंकी और वर्तमान जिला प्रशासन से हाथ जोड़कर भावुक अपील की है कि वे तुरंत मौके का मुआयना करें। मानसून की इस भारी बारिश में पानी के रिसाव के कारण यह जर्जर ढांचा कभी भी इन घरों पर गिर सकता है। दोनों परिवारों ने मांग की है कि राजनीति और बहानों से ऊपर उठकर इस जर्जर दीवार को तुरंत पक्का करवाया जाए ताकि वे चैन की सांस ले सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

