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हिमाचल में कांग्रेस सरकार का कुनबा बिखरा, मंत्रियों-अधिकारियों में तालमेल का अभाव: अनुराग सिंह ठाकुर

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हिमाचल में कांग्रेस सरकार का कुनबा बिखरा, मंत्रियों-अधिकारियों में तालमेल का अभाव: अनुराग सिंह ठाकुर


ऊना, 17 जनवरी (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शनिवार को ऊना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस का कुनबा पूरी तरह बिखरा हुआ है और सरकार में कर्मचारियों, अधिकारियों व मंत्रियों के बीच तालमेल का गंभीर अभाव है, जो हिमाचल के हित में नहीं है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के गठन के बाद से हर वर्ष प्रदेश आपदाओं की मार झेल रहा है, लेकिन सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल है, बावजूद इसके सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

उन्होंने कहा, “विकास का पहला पैमाना सरकार के भीतर तालमेल होता है। जब तक कर्मचारियों, अधिकारियों और मंत्रियों के बीच समन्वय नहीं होगा, तब तक ज़मीनी स्तर पर विकास कार्य संभव नहीं हैं। आज हिमाचल में तालमेल कम और तनाव ज़्यादा दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि सरकार के अपने मंत्री ही सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े कर रहे हैं।”

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि एक मंत्री सिस्टम पर सवाल उठाता है, दूसरा मंत्री उसका विरोध करता है, तीसरा मंत्री पहले की समर्थन में खड़ा हो जाता है और मुख्यमंत्री का बयान कुछ और ही होता है। उन्होंने कहा कि ऐसा बिखराव किसी भी सरकार में पहले कभी देखने को नहीं मिला।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह आपसी तनाव कांग्रेस सरकार को बिखराव की ओर नहीं ले जा रहा? क्या यही तनाव प्रदेश में रुके हुए विकास कार्यों को और ठप नहीं कर रहा? क्या इससे हिमाचल पर कर्ज का बोझ और नहीं बढ़ेगा?”

उन्होंने कहा कि मंत्रियों की आपसी खींचतान और बेचैनी के पीछे सरकार के निर्णयों पर भी सवाल खड़े होते हैं। यदि कोई अधिकारी प्रदेश हित में काम नहीं कर रहा, तो उसके साथ बाहरी या स्थानीय होने के आधार पर भेदभाव करने के बजाय निष्पक्ष और न्यायसंगत निर्णय लिया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला