अनुराग शर्मा निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित, संपत्ति छिपाने से इनकार
शिमला, 09 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश से नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य अनुराग शर्मा ने अपनी संपत्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब देते हुए कहा है कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्र में अपनी सभी संपत्तियों का पूरा विवरण दिया है और कोई भी जानकारी छुपाई नहीं गई है। उन्होंने कहा कि वे नियमित रूप से आयकर भरते हैं और अपनी आयकर रिटर्न में भी अपनी पूरी संपत्ति का विवरण देते हैं। ऐसे में यदि किसी को किसी प्रकार का संदेह है तो आयकर रिटर्न के आधार पर इसकी जांच की जा सकती है।
सोमवार को अनुराग शर्मा हिमाचल प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुन लिए गए। विधानसभा सचिवालय की ओर से उन्हें ‘सर्टिफिकेट ऑफ इलेक्शन’ सौंपा गया। राज्यसभा चुनाव के लिए केवल अनुराग शर्मा का ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ था और सोमवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि थी। चूंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा, इसलिए अनुराग शर्मा निर्विरोध राज्यसभा सदस्य घोषित किए गए।
मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अनुराग शर्मा राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। उनके निर्विरोध चुने जाने के बाद शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में स्वागत और अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कई मंत्री और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस मौके पर अनुराग शर्मा ने कांग्रेस हाईकमान और पार्टी नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता की मेहनत से अर्जित संपत्ति उन्हें पैतृक संपत्ति के रूप में मिली है, जबकि वे स्वयं भी पर्यटन कारोबार से जुड़े हैं और उसी से उन्होंने अपनी संपत्ति अर्जित की है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनुराग शर्मा के निर्विरोध चुने जाने को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में हमेशा कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाती है और संगठन से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने की परंपरा रही है।
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा अनुराग शर्मा की संपत्ति को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पैतृक संपत्ति किसी भी व्यक्ति के पास हो सकती है और कई बार लोग अपनी मेहनत से भी संपत्ति अर्जित करते हैं, इसलिए भाजपा को इस मुद्दे पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा की ओर से उन पर अपने मित्रों को प्राथमिकता देने के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन जिन लोगों को भाजपा उनका मित्र बता रही है, वे लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता हैं और एनएसयूआई तथा युवा कांग्रेस के समय से पार्टी में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री रहने के दौरान हजारों करोड़ रुपये के ठेके दिए गए और प्रदेश की संपत्ति को ठेकेदार मित्रों के माध्यम से नुकसान पहुंचाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

