बारिश में भी डटे रहे एंबुलेंस कर्मचारी, तीसरे दिन हड़ताल से सेवाएं प्रभावित
शिमला, 08 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला। बुधवार को शिमला के छोटा शिमला स्थित सचिवालय के बाहर बारिश के बावजूद एंबुलेंस कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे। पांच दिन की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते तीसरे दिन भी एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति बनी रही।
हिमाचल प्रदेश 108 एवं 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन, जो सीटू के बैनर तले आंदोलन कर रही है, का कहना है कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन काम कर रहे पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारियों को लंबे समय से न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि कर्मचारियों से 12 घंटे की ड्यूटी ली जाती है, लेकिन उन्हें नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता।
धरने को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला और श्रम विभाग के आदेश भी आए हैं, लेकिन उनके बावजूद कर्मचारियों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। यूनियन का आरोप है कि मांग उठाने वाले कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, कई बार उनका तबादला कर दिया जाता है या उन्हें ड्यूटी से बाहर रखा जाता है।
यूनियन ने यह भी कहा कि कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई के क्रियान्वयन में गंभीर त्रुटियां हैं और पहले जीवीके ईएमआरआई कंपनी के अधीन काम करने के दौरान सेवा समाप्ति पर उन्हें छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी और अन्य देय भुगतान भी नहीं मिले। कर्मचारियों ने सेवा की निरंतरता और वरिष्ठता का लाभ देने की भी मांग उठाई है।
हड़ताली कर्मचारियों की मुख्य मांगों में सरकारी नियमों के अनुसार न्यूनतम वेतन लागू करना, 12 घंटे की ड्यूटी पर डबल ओवरटाइम का भुगतान, नियमानुसार छुट्टियां देना और अदालतों के आदेशों को लागू करना शामिल है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

