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चंबा में सड़क हादसे में चार की मौत, तीन दिन में प्रदेश में 14 लोगों ने गंवाई जान

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चंबा में सड़क हादसे में चार की मौत, तीन दिन में प्रदेश में 14 लोगों ने गंवाई जान


शिमला, 28 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सड़क हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को जिले के नकरोड़-हिमगिरी डैमसाइड सड़क मार्ग पर एक कार के दुर्घटनाग्रस्त होकर नाले में गिरने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक एक ही पंचायत के निवासी थे। हादसे के बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार दुर्घटना रविवार को नकरोड़-हिमगिरी डैमसाइड सड़क पर हुई।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 52 वर्षीय शुक्र दीन पुत्र शाक मुहम्मद, 25 वर्षीय सलमान पुत्र ताज मुहम्मद, 41 वर्षीय टाशी उर्फ बिट्टू पुत्र किशन तथा 22 वर्षीय संजू पुत्र खेम राज के रूप में हुई है। दुर्घटना कितनी भीषण थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मृतकों के शव घटनास्थल के आसपास बिखरे पड़े मिले। सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक चारों लोगों की मौत हो चुकी थी।

चंबा के एसपी विजय कुमार सकलानी ने दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

चंबा जिले में पिछले 24 घंटे के भीतर यह दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। इससे पहले शनिवार को चम्बा जिला के भरमौर में उरेई-सामरा सड़क पर एक कार के खाई में गिरने से एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ था। लगातार दो दिनों में हुए इन हादसों में जिले में आठ लोगों की जान जा चुकी है। ताजा दुर्घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है और स्थानीय लोगों ने हादसों पर चिंता जताई है।

उधर, चंबा के इन हादसों से पहले शुक्रवार शाम को शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में भी एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी। वहां एक पिकअप वाहन गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में 40 वर्षीय एक महिला और उसका 10 वर्षीय बेटा भी शामिल था। इस तरह शुक्रवार से रविवार तक तीन दिनों के भीतर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुए बड़े सड़क हादसों में कुल 14 लोगों की जान जा चुकी है।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में हर वर्ष सड़क हादसों में लगभग एक हजार लोगों की मौत होती है। पुलिस और परिवहन विभाग समय-समय पर जारी आंकड़ों में यह बात सामने आती रही है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे मानवीय भूल प्रमुख कारण होती है। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, सड़क की स्थिति के अनुरूप गति नियंत्रित न रखना और यातायात नियमों की अनदेखी अक्सर दुर्घटनाओं की वजह बनती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा