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निजी विश्वविद्यालयों में खतरे में छात्रों की सुरक्षा, सरकार कार्रवाई करे: अभाविप

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निजी विश्वविद्यालयों में खतरे में छात्रों की सुरक्षा, सरकार कार्रवाई करे: अभाविप


शिमला, 17 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में सामने आ रही हालिया घटनाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने छात्र सुरक्षा पर चिंता जताई है। परिषद की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने शुक्रवार को कहा कि लगातार हो रही घटनाएं प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

अभाविप के अनुसार हाल ही में सोलन जिले के एक निजी विश्वविद्यालय में एक छात्र द्वारा हॉस्टल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना सामने आई, जिसमें छात्र की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच नाराज़गी भी देखने को मिली और विश्वविद्यालय प्रशासन पर समय पर सहायता उपलब्ध न करवाने के आरोप लगाए गए। परिषद का कहना है कि इसके अलावा अन्य निजी विश्वविद्यालयों में भी हिंसक घटनाएं, गोलीकांड और प्लेसमेंट से जुड़ी परेशानियों के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसे मामले सामने आते रहे हैं।

नैंसी अटल ने कहा कि इन घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि कई निजी विश्वविद्यालयों में छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर कमियां हैं। उनका कहना है कि जरूरत के समय पर्याप्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध न होना और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होना चिंता का विषय है।

अभाविप ने प्रदेश सरकार और संबंधित नियामक आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने गंभीर मामलों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। परिषद का कहना है कि प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में देश-विदेश से हजारों छात्र पढ़ाई करने आते हैं और ऐसी घटनाएं हिमाचल की शैक्षणिक छवि को प्रभावित कर रही हैं।

परिषद ने मांग की है कि हाल की घटनाओं की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाई जाए, लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और निजी विश्वविद्यालयों के लिए सुरक्षा तथा जवाबदेही से जुड़े कड़े नियम बनाए जाएं। साथ ही हर निजी विश्वविद्यालय में अनिवार्य रूप से मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र स्थापित करने की भी मांग की गई है।

नैंसी अटल ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन मामलों में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अभाविप प्रदेशभर में आंदोलन करने को बाध्य होगी। उनका कहना है कि छात्र सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला