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बरसात में उजड़ा आंगन हुआ गुलजार: धियूं गांव के धर्मपाल का फिर से बनने लगा आशियाना

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बरसात में उजड़ा आंगन हुआ गुलजार: धियूं गांव के धर्मपाल का फिर से बनने लगा आशियाना


मंडी, 01 मार्च (हि.स.)। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार एक मजबूत सहारा बन रही है। गत बरसात के मौसम में अपने घर खो चुके प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से बढ़ी हुई सहायता राशि मिलने पर अब उनका अपने उजड़े आशियाने फिर से बसाने का सपना सच हो रहा है।

मंडी जिला के सदर उपमंडल की ग्राम पंचायत बीर के धियूं गांव निवासी धर्मपाल सिंह ने बताया कि 16 अगस्त, 2025 की रात हुई भारी बारिश से उन पर ऐसा कहर बरपा कि उनका पांच कमरों का मकान आंखों के सामने क्षतिग्रस्त हो गया। इसके साथ ही एक पशुशाला और करीब अढ़ाई बीघा जमीन भी भारी बारिश से बह गई। ऐसे में सुक्खू सरकार ने उनकी पीड़ा को समझा और आपदा प्रभावितों के लिए घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत उन्हें घर बनाने तथा गौशाला के लिए उचित राहत राशि मंजूर की।

धर्मपाल बताते हैं कि इस आपदा के बाद वे अपने परिवार सहित बेघर हो गए और रिश्तेदारों के पास शरण लेनी पड़ी। राज्य सरकार द्वारा मकान निर्माण के लिए अब सात लाख रुपये की राशि तथा घरेलू सामान के लिए भी एक लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। पहली किस्त के रूप में उन्हें 4 लाख रुपए प्राप्त हो चुके हैं। इससे उन्होंने अपने मकान का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है। साथ ही पशुशाला के लिए भी उचित राशि जारी की गई है।

उन्होंने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और सरकारी सहायता के बिना मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे कठिन समय में राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी रही, जिससे उनके जीवन में फिर से आशा की किरण जगी है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हुए धर्मपाल कहते हैं कि प्रदेश सरकार की मदद से हमारे टूटे घर और गौशाला को दोबारा बनाने का सपना साकार हो रहा है। उम्मीद है कि अगली बरसात से पहले ही घर बन कर तैयार हो जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा