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शिमला : गौसदन पर अनियमितताओं के आरोप, संचालक ने किया खंडन, पुलिस कर रही जांच

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शिमला, 09 अप्रैल (हि.स.)। शिमला ज़िले की कुपवी तहसील के तहत एक गौसदन को लेकर इन दिनों अनियमितताओं और गायों की मौत के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक ओर स्थानीय लोगों ने गौसदन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं गौसदन के संचालक भगत चंद ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए खारिज किया है। इस बीच पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

गौसदन के संचालक भगत चंद का कहना है कि उनका गौसदन वर्ष 2024 से संचालित हो रहा है और इसे सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौसदन में गायों के मरने या गायब होने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों में जो वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, वे वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते। उन्होंने दावा किया कि गौसदन में किसी भी गाय की मौत नहीं हुई है और सभी पशुओं की सही तरीके से देखभाल की जा रही है।

भगत चंद के अनुसार गौसदन में लगभग 200 गायों को रखने की क्षमता है, जबकि वर्तमान समय में यहां 104 गायें मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि गौसदन में पांच कर्मचारी तैनात हैं, जो पशुओं की देखभाल करते हैं। कई लोग बेसहारा गायों को यहां छोड़ते हैं और उनकी देखभाल गौसदन प्रबंधन द्वारा की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि चारे की कमी के कारण गायों की मौत होने के आरोप भी पूरी तरह तथ्यों से परे हैं।

वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने गौसदन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। आरोपों में कहा गया है कि रिकॉर्ड में लगभग 200 गायों के नाम पर धन जारी होने की बात सामने आई है, जबकि मौके पर इससे कम पशु पाए गए। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए यह भी दावा किया गया है कि प्रति गाय लगभग 1200 रुपये की राशि का प्रावधान है।

कुछ स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि गौसदन में प्रतिदिन 5 से 6 पशुओं की मौत हो रही है और पशुओं को पर्याप्त चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा स्थल का दौरा किए जाने की बात भी सामने आई है।

इस पूरे मामले को लेकर शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा है कि गौसदन से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल इस मामले में न तो कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा