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मंडी के कांग्रेस नेता पर लगाया जमीन हड़पने का आरोप

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मंडी के कांग्रेस नेता पर लगाया जमीन हड़पने का आरोप


मंडी, 21 जनवरी (हि.स.)। मंडी जिले के बालीचौकी उपमंडल में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अनुसूचित जाति से संबंधित शारीरिक रूप से अपंग व्यक्ति द्वारा कांग्रेस के एक नेता पर अपनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। अपंग जीत राम पुत्र स्वर्गीय फतू ने जातिगत उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है। जीत राम ने उपमंडलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि लगभग सात वर्ष पहले उन्होंने मुहाल शलाणु में अपनी करीब पांच विस्वा ढलानदार भूमि विजयपाल सिंह को बेची थी। अब उसी स्थान पर मकान निर्माण के दौरान लोक निर्माण विभाग की मदद से सड़क और रिटेनिंग वॉल बनवाकर उनकी मूल भूमि से कहीं अधिक क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। जेसीबी से जमीन समतल करने के बाद आसपास की अन्य भूमियों पर भी इसी तरह का अतिक्रमण किया गया।

जीत राम ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली होने के कारण कांग्रेस नेता ने न केवल उनकी बेची गई जमीन पर अधिक कब्जा किया, बल्कि अपंग और दलित होने के कारण उन्हें जातिगत आधार पर उत्पीड़ित भी किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एसटीएससी एक्ट के तहत बालीचौकी पुलिस चौकी में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने तत्काल साइट की सही निशानदेही कराने और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की अपील भी की है।

यह मामला दलित-अपंग व्यक्ति के साथ सत्ता के दुरुपयोग और जातिगत भेदभाव का गंभीर उदाहरण बनता जा रहा है। जीत राम जैसे कमजोर वर्ग के व्यक्ति की जमीन पर प्रभावशाली नेता द्वारा कब्जा और उसके बाद उत्पीड़न की शिकायत ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है। एसटीएससी एक्ट के प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की व्यवस्था है, लेकिन क्या इस बार जांच होगी और दोषी पर कार्रवाई होगी, यह देखना बाकी है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन अब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं ताकि कमजोर वर्ग के अधिकारों की रक्षा हो सके।

मुख्यमंत्री हस्तक्षेप की मांग

सराज क्षेत्र में एक प्रमुख कांग्रेस नेता पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम का दुरुपयोग करके वन भूमि अतिक्रमण और लोक निर्माण विभाग के सार्वजनिक फंड्स को निजी निर्माण में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप पार्टी के ही दो समर्पित कार्यकर्ताओं और पूर्व जिला परिषद सदस्यों संत रा(खलबाहण वार्ड और दिले राम(थाची वार्ड) ने लगाए हैं, जो इसे पार्टी की साफ-सुथरी छवि बचाने के लिए उठा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि आरोपी नेता हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग का सदस्य है और खुद को मुख्यमंत्री का करीबी बताकर विभागीय अधिकारियों पर अनैतिक दबाव डाल रहा है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि राज्य आर्थिक संकट में है, सरकारी कर्मचारियों के वेतन-पेंशन में देरी हो रही है। सराज क्षेत्र मानसून आपदा से अभी उबर नहीं पाया, सड़कें बदहाल हैं ऐसे में फंड का निजी इस्तेमाल जांच का विषय है। शिकायतकर्ताओं ने कहा, हम कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता हैं। ये आरोप पार्टी की छवि और सरकार की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। इसलिए तत्काल जांच जरूरी है। पत्र की प्रतिलिपि डिप्टी कमिश्नर, डीएफओ और लोक निर्माण विभाग को भेजी गई है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच (वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विजिलेंस/लोकायुक्त) और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

इधर इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजयपाल सिंह का कहना है कि वह इस मामले में कुछ बोलना नहीं चाहते हैं। यह अब उनको बदनाम करने की साज़िश है। कुछ लोगों को विकास हजम नहीं हो रहा है और वह वामपंथियों के उकसावे में आकर सरकार व उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा