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मंडी की बेटी प्रो. नितिका कौशल को देहरादून में मिला स्वास्थ्य सेवा में महिला नेतृत्व सम्मान

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मंडी की बेटी प्रो. नितिका कौशल को देहरादून में मिला स्वास्थ्य सेवा में महिला नेतृत्व सम्मान


मंडी, 20 मार्च (हि.स.)। मंडी जिला के बल्ह क्षेत्र की बेटी प्रो. नितिका कौशल ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रो. नितिका कौशल प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय को हिमालयन हेल्थकेयर इनोवेशन समिट 2026 के दौरान स्वास्थ्य सेवा में महिला नेतृत्व सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य, चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में उनके समग्र योगदान के लिए प्रदान किया गया। वेलोक्स मीडिया द्वारा हयात सेंट्रिक देहरादून में आयोजित इस समिट में गुरमीत सिंह राज्यपाल, उत्तराखंड मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ राज शेखर जोशी उपाध्यक्ष, सेतु आयोग, उत्तराखंड, डॉ. सुनीता टम्टा महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तराखंड तथा डॉ. गीता खन्ना अध्यक्ष, एससीपीसीआर, उत्तराखंड सहित कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस अवसर पर गुरमीत सिंह राज्यपाल, उत्तराखंड ने अपने संबोधन में कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निवारक और सामुदायिक आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सुदृढ़ हुई है।

प्रो. नितिका कौशल मूल रूप से मंडी जिला की बल्ह तहसील के रत्ती गांव की निवासी हैं। उनके पिता महेश कांत कौशल तथा माता तरुणा कौशल पार्षद हैं। उनकी शादी देहरादून में हुई है, जिससे उनका उत्तराखंड से भी गहरा जुड़ाव है।

प्रो. नितिका कौशल ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के प्रोत्साहन तथा शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा मिली है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ पहुंचा है। समिट का एक प्रमुख आकर्षण हेल्थकेयर इनोवेशन अवार्ड्स एवं हेल्थकेयर हीरोज अवार्ड्स 2026 रहे, जिनमें स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन में जम्मू और कश्मीर,

हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, नागालैंड और मणिपुर सहित विभिन्न हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाएं साझा की। समिट के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य, महिलाओं के स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल स्वास्थ्य और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा