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पर्यावरण बचाने के लिए हरित क्रांति जरूरी : डॉ. सिकंदर कुमार

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पर्यावरण बचाने के लिए हरित क्रांति जरूरी : डॉ. सिकंदर कुमार


शिमला, 05 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तारादेवी में आयोजित स्वच्छता अभियान में भाग लिया और लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण को बचाना है तो समाज को हरित क्रांति की दिशा में आगे बढ़ना होगा और प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

डॉ. सिकंदर कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण मानव जीवन का आधार है। शुद्ध हवा, स्वच्छ पानी और जीवन के लिए आवश्यक संसाधन हमें प्रकृति से ही प्राप्त होते हैं। ऐसे में पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकारों का नहीं बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है।

उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक उनका संरक्षण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सांसद ने कहा कि बढ़ती आबादी, औद्योगिकीकरण, अनियोजित विकास और आधुनिक जीवनशैली के कारण पर्यावरण पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। जंगलों की कटाई, वायु और जल प्रदूषण तथा प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग ने प्रकृति के संतुलन को प्रभावित किया है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाया जा रहा एक पेड़ मां के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने लोगों से इस अभियान से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण के साथ-साथ स्वच्छता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल स्रोतों को बचाने और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा