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नाहन में मोहर्रम पर निकले ताजिये

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नाहन में मोहर्रम पर निकले ताजिये


नाहन, 26 जून (हि.स.)। मोहर्रम के अवसर पर सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में रियासतकाल से चली आ रही ताजिये निकालने की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और सौहार्द के साथ निभाई जा रही है। करबला के युद्ध में हजरत मोहम्मद साहब के नवासों की शहादत की याद में शुक्रवार को शहर में भव्य ताजिये निकाले जाएंगे। इस दौरान मातमी जुलूस निकलेगा और देर शाम जामा मस्जिद, कच्चा टैंक के समीप ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

नाहन के चार प्रमुख मोहल्लों से ताजिये पहले रात में और फिर मोहर्रम के दिन दिन के समय निकाले जाते हैं। मातमी जुलूस में शामिल अकीदतमंद दुआएं करते हुए करबला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

ताजिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद असलम सैय्यद ने बताया कि मोहर्रम पर ताजिये निकालने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे आगे भी उसी श्रद्धा के साथ जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन महाराजा शमशेर प्रकाश के प्रयासों से नाहन में इस परंपरा की शुरुआत हुई थी, जो आज भी सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि मोहर्रम के आयोजन में सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और इस ऐतिहासिक परंपरा को पूरी आस्था एवं सद्भाव के साथ निभाते हैं। रियासतकालीन यह विरासत आज भी नाहन की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बनी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर