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जनगणना-2027 के प्रथम चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

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शिमला, 25 फ़रवरी (हि.स.)। भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण-मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान शिमला में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 फरवरी तक संचालित किया जाएगा।

सचिव-सह-नोडल अधिकारी राजेश शर्मा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों से चयनित 20 मास्टर ट्रेनर तथा निदेशालय जनगणना कार्य, हिमाचल प्रदेश के छह मास्टर ट्रेनर सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर राजेश शर्मा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला व एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रामाणिक संकलन किया जाता है। उन्होंने कहा कि जनगणना प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। यदि आंकड़े अधूरे व त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से निर्धारित कार्यों को तय सीमा के अनुरूप पूर्ण करने का आह्वान किया तथा इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों व प्रक्षिणार्थियों को शुभकामनाएं दी।

निदेशक जनगणना कार्य दीप शिखा शर्मा ने प्रशिक्षण सत्र में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य, समय सीमा तथा जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी तथा मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डाटा संकलन किया जायेगा जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी होगी।

इस अवसर पर डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान की निदेशक रूपाली ठाकुर ने सभी मास्टर ट्रेनरों को विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।

भारत में जनगणना 10 वर्षांे में एक बार की जाती है। वर्ष 2011 के बाद जनगणना वर्ष 2021 में की जानी थी लेकिन कोविड-19 के कारण यह कार्य नहीं किया जा सका। अब जनगणना 2027 दो चरणों में की जाएगी। प्रथम चरण-मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एच.एल.ओ.) को किसी भी प्रदेश द्वारा अप्रैल से सितम्बर, 2026 के बीच किया जा सकता है। द्वितीय चरण की गणना फरवरी, 2027 में की जानी है। हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए यह कार्य सितम्बर, 2026 में किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 12 मई, 2026 से 11 जून, 2026 में संचालित किया जाएगा। स्व-गणना पोर्टल पंद्रह दिन पहले सक्रिय हो जाएगा। स्व-गणना की सुविधा से जन भागीदारी बढ़ेगी। देश का कोई भी सामान्य नागरिक पोर्टल पर ‘लॉग इन’ करके अपनी जानकारी भर सकता है। तत्पश्चात उसे स्व-गणना आईडी दी जाएगी जिसे प्रगणक, गणना के दौरान मिलान एवं सत्यापन कर अंततः जमा करेगा।

मास्टर ट्रेनर इसके बाद फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे जो कि पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को प्रशिक्षण देंगे। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक जनगणना के कार्य को जमीनी स्तर पर हाऊस लिस्टिंग मोबाईल ऐप के माध्यम से पूरा करंेगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला