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हिसार से उड़ने वाली फ्लाइट में अब मौसम नहीं बनेगा बाधा, आधुनिक नेविगेशन उपकरण स्थापित

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हिसार से उड़ने वाली फ्लाइट में अब मौसम नहीं बनेगा बाधा, आधुनिक नेविगेशन उपकरण स्थापित


पहले की तुलना में अधिक सुगमता व सुरक्षा के साथ किया जा सकेगा संचालक

हिसार, 15 जून (हि.स.)। हरियाणा के एक मात्र एयरपोर्ट हिसार एयरपोर्ट से उड़ने

वाली फ्लाइटों के रास्ते में अब मौसम बाधा नहीं बनेगा। अब आधुनिक नेविगेशन उपकरणों

की स्थापना और डीजीसीए लाइसेंस अपग्रेड होने के बाद एयरपोर्ट आईएफआर सक्षम हो गया है।

इससे कम दृश्यता की स्थिति में भी विमान संचालन पहले की तुलना में अधिक सुगमता और सुरक्षा

के साथ किया जा सकेगा।

यह बात एयरपोर्ट निदेशक ओपी सैनी ने सोमवार को यहां बातचीत के दौरान कही। उन्होंने

बताया कि पहले हिसार एयरपोर्ट पर विमान संचालन के लिए कम से कम 5000 मीटर दृश्यता आवश्यक

थी। सर्दियों में घने कोहरे के कारण उड़ानें अक्सर प्रभावित होती थीं। अब यह समस्या

दूर हो गई है।

निदेशक ने बताया कि चंडीगढ़ जाने और वहां से आने वाले यात्रियों का तिलक लगाकर

स्वागत किया जाएगा और उन्हें वेलकम किट प्रदान की जाएगी। यात्रियों को एयरपोर्ट की

सुविधाओं और संचालित उड़ानों की जानकारी देने के साथ उनका फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि

भविष्य में सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

निदेशक के अनुसार वर्तमान में हिसार से जयपुर, दिल्ली, चंडीगढ़ और अयोध्या

के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। अहमदाबाद और जम्मू के लिए नई उड़ानों को

शुरू करने की प्रक्रिया भी जारी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि जैसे ही एयरलाइन की

ओर से प्रस्तावित शेड्यूल मिलेगा, उसे मंजूरी दी जाएगी। एयरपोर्ट नई उड़ानों और नाइट

लैंडिंग संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि 14 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

द्वारा उद्घाटन के बाद से 31 मार्च 2026 तक हिसार एयरपोर्ट से 551 उड़ानों का संचालन

किया गया। इस दौरान 9 हजार 690 यात्रियों ने हवाई यात्रा की। अयोध्या रूट पर यात्रियों

की संख्या सबसे अधिक रही है।

हिसार एयरपोर्ट पर नए पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो बिल्डिंग, एटीसी ब्लॉक और प्रशासनिक

भवन का निर्माण कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार पूरा प्रोजेक्ट अप्रैल 2027 तक

तैयार होने का लक्ष्य है। इसके बाद एयरपोर्ट की यात्री संभालने की क्षमता बढ़कर करीब

16 लाख यात्रियों प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी। इससे भविष्य में मुंबई, गोवा समेत अन्य

बड़े शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने का रास्ता भी साफ होगा।

एयरपोर्ट परिसर में बने हैंगरों को व्यावसायिक उपयोग के लिए लीज पर देने की

प्रक्रिया हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक कई एजेंसियां

एमआरओ सेंटर, ड्रोन गतिविधियों और अन्य विमानन परियोजनाओं को लेकर रुचि दिखा रही हैं।

सरकार की ओर से आरएफपी प्रक्रिया जारी है।

हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में एलायंस एयर को हिसार की मौजूदा कनेक्टिविटी

का विस्तार करने का सुझाव दिया गया है। प्रस्ताव के तहत जम्मू उड़ान को आगे श्रीनगर

तक और अहमदाबाद उड़ान को मुंबई तक विस्तारित करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा

है। हालांकि अंतिम निर्णय यात्रियों की संख्या और एयरलाइन की व्यावसायिक योजना पर निर्भर

करेगा।

एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर ओपी सैनी ने कहा कि वन विभाग

ने पहले सामने आए वन्यजीव संबंधी मामलों का समाधान कर दिया था। वर्तमान में एयरपोर्ट

पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी समस्या नहीं है।

एयरपोर्ट पर मनाया यात्री सुविधा दिवस

इससे पहले एयरपोर्ट पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से यात्री सुविधा

दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य

में देशभर के हवाई अड्डों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत

सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सामूहिक वंदे मातरम गायन से हुई। इसके बाद एयरपोर्ट के हाउसकीपिंग

कर्मचारियों और विमानन क्षेत्र में कार्यरत महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

पौधारोपण और स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर