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हिसार : समय की पाबंदी व अनुशासन ही प्रबंधन का मूल आधार : प्रो. नरसी राम बिश्नोई

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हिसार : समय की पाबंदी व अनुशासन ही प्रबंधन का मूल आधार : प्रो. नरसी राम बिश्नोई


नवआगंतुक विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित

हिसार, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि विश्वविद्यालय केवल परीक्षा देने और

पुस्तकों तक सीमित रहने तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को

पहचानने और निखारने का मंच भी है। विद्यार्थियों को अपनी रूचि और क्षमता को पहचानकर

उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सफलता अवश्य मिलेगी।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई बुधवार काे हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस (एचएसबी)

द्वारा इंटीग्रेटेड बीबीए-एमबीए बैच 2026 के नवआगंतुक विद्यार्थियों के लिए आयोजित

इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के सीआरएस सभागार में आयोजित

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एचएसबी के निदेशक प्रो. संजीव कुमार ने की। इंडक्शन कार्यक्रम

के संयोजक डा. मणीश्रेष्ठ व डा. संगीता मित्तल हैं।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि प्रबंधन का मूल आधार समय की पाबंदी

और अनुशासन है। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने अंदर नेतृत्व क्षमता का विकास भी करना

चाहिए ताकि वे रोजगार पाने वाले की बजाय रोजगार देने वाले बन सकें। उन्होंने विद्यार्थियों

से कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रयोग केवल सीखने और नवाचार के लिए करें।

इसके अत्याधिक प्रयोग के गुलाम न बनें।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि गुजविप्रौवि गुरु जम्भेश्वर जी

महाराज के सिद्धांतों को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को शिक्षा, शोध

व नवाचार की गुणवता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण व श्रेष्ठ नागरिक बनाना गुजविप्रौवि

की प्रतिबद्धता है। उन्होंने रैंकिंग, साइटेशन व उपलब्धियों का हवाला देते हुए बताया

कि गुजविप्रौवि तेजी से विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। कुलपति ने विद्यार्थियों

को विश्वविद्यालय के आधारभूत ढांचे, सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, खेल के मैदान आदि के बारे

में जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थी सभी सुविधाओं का अधिकाधिक प्रयोग करें।

एचएसबी के डीन प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई व निदेशक प्रो. संजीव कुमार ने नवप्रवेशित

विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें नए शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस

दौरान विद्यार्थियों का संकाय सदस्यों और एचएसबी के कर्मचारियों से परिचय भी कराया

गया।

प्रो. संजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सफलता उसी विद्यार्थी को मिलती

है, जिसे अपने लक्ष्य को पाने का जनून हो। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पैशन को

केरियर में बदलने तथा अपने केरियर को ही अपना पैशन बनाकर पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ने

का आह्वान किया।

ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा विद्यार्थियों को केरियर निर्माण और रोजगार

संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। विभिन्न अधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली,

विश्वविद्यालय की वेबसाइट, ऑनलाइन शुल्क भुगतान तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के

बारे में बताया। पुस्तकालय के उप-पुस्तकालय अध्यक्ष डा. नरेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों

को पुस्तकालय की सुविधाओं और विद्यार्थी जीवन में उसके महत्व से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त

विद्यार्थियों को एनसीसी, एनएसएस, रेडक्राॅस, खेल गतिविधियों, एचएसबी छात्र कलबों और

स्वयं पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध एईसी पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई। संबंधित समन्वयकों

ने विद्यार्थियों को इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

संयोजक डा. मणीश्रेष्ठ ने इस तीन दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम की गतिविधियों के

बारे में जानकारी दी तथा बताया कि यह कार्यक्रम नवआगंतुक विद्यार्थियों के लिए अत्यंत

उपयोगी होगा। संयोजक डा. संगीता मित्तल ने धन्यवाद किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर