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हांसी : केवल तीन अध्यापकों के भरोसे चल रहा माजरा का प्राथमिक स्कूल

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हांसी : केवल तीन अध्यापकों के भरोसे चल रहा माजरा का प्राथमिक स्कूल


एक शिक्षक एसआईआर ड्यूटी में, दूसरा मिड-डे मील के काम में व्यस्त, पढ़ाई का

पूरा बोझ एक शिक्षक पर

ग्रामीणों का अल्टीमेटम-सोमवार तक अतिरिक्त शिक्षक नहीं भेजे तो स्कूल पर जड़ेंगे ताला

हांसी, 01 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था

सुधारने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन

नारनौंद क्षेत्र के गांव माजरा की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। यहां राजकीय

मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में महज तीन शिक्षकों के भरोसे 117 विद्यार्थियों का

भविष्य टिका हुआ है। स्थिति यह है कि दो शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रहने

के कारण बच्चों की पढ़ाई का पूरा जिम्मा एक ही शिक्षक पर आ गया है। इससे न केवल कक्षाओं

का नियमित संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर

भी गंभीर असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो

इसका सबसे बड़ा नुकसान मासूम बच्चों के भविष्य को होगा। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों

ने शिक्षा विभाग को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सोमवार तक अतिरिक्त अध्यापकों

की नियुक्ति नहीं हुई तो स्कूल पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

ग्रामीण सीताराम, सुनील रेढ़ू, शीलू सांगवान, रमेश, लोकेश और कुलदीप ने शनिवार

को बताया कि स्कूल में कुल तीन अध्यापक नियुक्त हैं। इनमें से एक शिक्षक की ड्यूटी

एसआईआर कार्य में लगी हुई है, जबकि दूसरा शिक्षक अधिकांश समय मिड-डे मील की व्यवस्थाओं

में व्यस्त रहता है। ऐसे में केवल एक शिक्षक को सभी कक्षाओं की पढ़ाई संभालनी पड़ रही

है। ग्रामीणों का कहना है कि एक शिक्षक के लिए एक साथ सभी कक्षाओं को पढ़ाना संभव नहीं

है। नतीजतन बच्चे पढ़ाई के बजाय केवल समय बिताने को मजबूर हैं और उनकी पढ़ाई लगातार

प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षकों की कमी को लेकर एसडीएम विकास यादव सहित शिक्षा

विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है। बावजूद इसके अब तक कोई स्थायी

समाधान नहीं निकाला गया। इससे अभिभावकों में रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना

है कि यदि सरकार वास्तव में सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाना चाहती है तो सबसे पहले शिक्षकों

के खाली पद भरने होंगे। केवल घोषणाओं से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधर सकती।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि शनिवार तक अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति

नहीं की गई तो सोमवार को स्कूल पर ताला लगाकर शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

किया जाएगा। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत मांग के लिए नहीं, बल्कि गांव

के बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए होगा।

खंड शिक्षा अधिकारी जोगिंदर सिंह मलिक ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें

मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि सोमवार को डेपुटेशन के आधार पर अतिरिक्त शिक्षक भेजने

की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यालय की शैक्षणिक

व्यवस्था सामान्य हो सके।

उधर, जिला पार्षद सुनील माजरा ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की

पढ़ाई प्रभावित होना बेहद चिंता का विषय है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर