हरियाणा को भारत की इनोवेशन कैपिटल बनाने पर सरकार का जोर
-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में सिंग फोरम में शिरकत की
चंडीगढ़, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम के तहत आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में सिंगापुर के विशिष्ट उद्योगपति, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य प्रतिनिधि तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य भविष्य में हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों को बढ़ावा देना तथा हरियाणा व सिंगापुर के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा को केवल औद्योगिक शक्ति ही नहीं, बल्कि भारत की इनोवेशन कैपिटल के रूप में स्थापित करना भी उनका लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह मंच केवल निवेश या व्यवसाय की चर्चा का मंच नहीं है। यह दो देशों और दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच विश्वास, मित्रता और सहयोग को और मजबूत करने का मंच है। मुख्यमंत्री ने भारत-सिंगापुर संबंधों की गहराई का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं हैं। इनके पीछे विश्वास, दोस्ती, संस्कृति और लोगों के बीच मजबूत संबंध हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हरियाणा और सिंगापुर का सहयोग नया नहीं है। वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लॉजिस्टिक्स, टाउनशिप्स, एविएशन, स्मार्ट सिटीज, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े एमओयू किए थे, जिनका कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डॉलर से अधिक था। असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है, जो उत्तर भारत में सिंगापुर की महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपस्थिति का उदाहरण है। इस नींव को अब अगले स्तर तक ले जाना है।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उद्योग जगत से कहा कि सिंगापुर के पास वैश्विक विशेषज्ञता है, जबकि हरियाणा के पास भारत की विकास कहानी का स्केल है। हरियाणा दिल्ली-एनसीआर के केंद्र में स्थित है। यहां मजबूत औद्योगिक आधार, गुरुग्राम जैसा वैश्विक कॉर्पोरेट और प्रौद्योगिकी हब, मानेसर में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, हाईवे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और फ्रेट कनेक्टिविटी के साथ-साथ प्रतिभाशाली युवा उपलब्ध हैं। सिंगापुर की विशेषज्ञता और हरियाणा के अवसरों को एक साथ लाने की आवश्यकता है।
उन्होंने चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं बताईं। पहला—लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर। दूसरा—अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट। तीसरा—टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तथा चौथा—एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग शामिल है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्किल्स के क्षेत्र में हाल की साझेदारी का विशेष उल्लेख किया। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है।
नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर की बिजनेस कम्युनिटी से स्पष्ट आह्वान किया कि हरियाणा में आपका स्वागत है। हम आपको केवल निवेशक के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा, गुरुग्राम, मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। हम आपके साथ मिलकर उसे बनाएंगे। सरकार और उद्योग के बीच संबंध केवल अनुमोदन देने-लेने तक सीमित नहीं होना चाहिए, यह साझेदारी होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

