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हरियाणा की 5,154 ग्राम पंचायतें भारतनेट के दायरे में

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चंडीगढ़, 18 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा की 6,222 ग्राम पंचायतों में से 5,154 यानी 82.84 प्रतिशत ग्राम पंचायतें भारतनेट के दायरे में आ चुकी हैं। राज्य में 45,130 फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्शन भी कार्यरत हैं।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतनेट, राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम, 2024, 5जी नेटवर्क के विस्तार तथा दूरसंचार परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलों की समीक्षा की।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के भाग-छह के तहत राज्य के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है। यह प्रोत्साहन दूरसंचार क्षेत्र में छह सुधार लक्ष्यों की प्राप्ति से जुड़ा है। राज्य ने इनमें से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया है। 31मार्च, 2026 तक लंबित सभी आरओडब्ल्यू आवेदनों का निपटारा कर दिया गया है,जिससे अधिकतम 22.5करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रावधान है।

150करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज में आरओडब्ल्यू नियमों के क्रियान्वयन संबंधी आदेशों के लिए 45 करोड़ रुपये, राज्य आरओडब्ल्यू पोर्टल के लिए 22.5 करोड़ रुपये, पुराने लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए अधिकतम 22.5 करोड़ रुपये, औसत निपटारा अवधि को 45 दिन या उससे कम करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये, भारतनेट अनुपालन के लिए 37.5 करोड़ रुपये तथा बिजली क्षेत्र से संबंधित आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।

रस्तोगी ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करते हुए शेष सुधार लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरसंचार परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने तथा उपलब्ध प्रोत्साहन का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए निरंतर निगरानी पर जोर दिया।

बैठक में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 6,222 ग्राम पंचायतों में से 5,154 को भारतनेट के तहत कवर किया जा चुका है, जबकि 1,068 ग्राम पंचायतें शेष हैं। इसी प्रकार, निर्धारित 62,220 एफटीटीएच कनेक्शनों में से 45,130 यानी 72.53 प्रतिशत कनेक्शन कार्यरत हैं।

भारतनेट के विस्तार को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों में उपकरण स्थापित करने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने, बिजली कनेक्शन के लिए एकल साझा आवेदन पत्र, समेकित बिलिंग व्यवस्था तथा स्मार्ट मीटर लगाने जैसे उपायों पर भी चर्चा की गई।

राज्य ने दूरसंचार ढांचे से संबंधित स्वीकृति प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। हरियाणा ने इन्वेस्ट हरियाणा पोर्टल को जारी रखने का निर्णय लिया है और इसे आरओडब्ल्यू नियम, 2024 तथा भारतनेट की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत किया गया है। मुख्य सचिव ने आरओडब्ल्यू आवेदनों की औसत निपटारा अवधि 45 दिन या उससे कम करने के लिए आवश्यक कदम तेजी से उठाने के निर्देश दिए।

भूमिगत दूरसंचार एवं अन्य बुनियादी ढांचे को खुदाई के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ‘कॉल बिफोर यू डिग’ प्रणाली के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया। वर्तमान में हरियाणा के विभिन्न विभागों के 1,204 उपयोगकर्ता इस प्रणाली पर पंजीकृत हैं।

समिति ने सरकारी भवनों तथा अन्य उपयुक्त सरकारी संपत्तियों पर 5 जी स्मॉल सेल, रूफटॉप साइट,पोल और फाइबर नेटवर्क के विस्तार को सुविधाजनक बनाने के उपायों पर भी विचार किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा