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सोनीपत: अहिंसा, शांति, करुणा, प्रेम, सहयोग के सिद्धांत मानव के मार्गदर्शक: गुप्ति सागर

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सोनीपत: अहिंसा, शांति, करुणा, प्रेम, सहयोग के सिद्धांत मानव के मार्गदर्शक: गुप्ति सागर


सोनीपत, 05 अप्रैल (हि.स.)। दिगंबर

जैन मंदिर मंडी में महावीर जयंती के अवसर पर रविवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रसंत

उपाध्याय गुप्ति सागर ने कहा कि विश्व आज युद्ध के मुहाने पर खड़ा है और कई देशों के

बीच जारी संघर्ष मानवता व संपदा को नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का

जियो और जीने दो का संदेश अपनाकर ही युद्ध की विभीषिका को टाला जा सकता है और समाज

को विनाश से बचाया जा सकता है।

कार्यक्रम

में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि अहिंसा, शांति, करुणा, प्रेम

और सहयोग जैसे सिद्धांत मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। इन मूल्यों पर चलकर ही स्वस्थ

और संतुलित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानव को आत्मसंयम

और सहअस्तित्व की भावना को मजबूत करना होगा, तभी विश्व में स्थायी शांति स्थापित हो

सकेगी।

इस अवसर

पर स्कूली बच्चों ने भगवान महावीर के जीवन और संदेशों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के बाद भगवान महावीर की शोभा यात्रा

निकाली गई। भगवान की प्रतिमा को रथ में विराजमान कर बैंड बाजों के साथ नगर भ्रमण कराया

गया। शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और मार्ग में विभिन्न स्थानों

पर स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर उत्साहपूर्वक भाग

लिया और रथ को खींचते हुए अहिंसा व शांति का संदेश दिया। कार्यक्रम में जैन समाज के

सैकड़ों पुरुष और महिलाएं उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति, उत्साह व सामूहिक

एकता का भाव देखने को मिला।

शोभा

यात्रा में दीदी रंजना शास्त्री, अधिवक्ता सुरेश जैन, भूषण जैन, जय कुमार जैन, अशोक

जैन, मुकेश जैन, मनीष जैन, आनंद जैन, राजकुमार जैन, राजीव जैन, राकेश जैन, चतरसेन जैन,

सौरभ जैन, अमित जैन, सुबोध जैन, योगेश जैन, राजेश जैन, रमेश जैन, विमल जैन, रजत जैन,

रामपाल जैन, मनोज जैन, निशा जैन, शशि जैन, राखी जैन, शिल्पी जैन, सरिता जैन, दीदी रंजना

शास्त्री आदि सैंकड़ो जैन समाज के पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित रही ।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना