सोनीपत: अंतरराष्ट्रीय मंच पर हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के शोध की गूंज
-प्रो. डॉ. योगेश चंद्र ठाकुर ने
दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया
सोनीपत, 13 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा
खेल विश्वविद्यालय के डीन (अकादमिक) प्रो. डॉ. योगेश चंद्र ठाकुर ने दक्षिण कोरिया
और संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित दो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में विश्वविद्यालय
का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने खेल शिक्षा, समावेशी शिक्षा और शैक्षणिक तकनीक के क्षेत्र
में विश्वविद्यालय में हो रहे शोध एवं नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
दक्षिण
कोरिया की चुंग-आंग यूनिवर्सिटी, सियोल में आयोजित 9वें आईओएचएसके अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
में प्रो. ठाकुर ने आमंत्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने बिना किसी बाधा के शारीरिक शिक्षा
एवं खेल : यूनिवर्सल डिजाइन फॉर लर्निंग का दृष्टिकोण विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने
बताया कि यूनिवर्सल डिजाइन फॉर लर्निंग के जरिए शारीरिक शिक्षा को अधिक समावेशी बनाया
जा सकता है। इससे दिव्यांग और गैर-दिव्यांग विद्यार्थियों को सीखने तथा खेलों में भाग
लेने के समान अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 और संयुक्त
राष्ट्र दिव्यांगजन अधिकार अभिसमय के संदर्भ में समावेशी खेल शिक्षा की जरूरत पर भी
जोर दिया। उन्होंने दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रभावी भागीदारी के लिए अनुकूलित खेल उपकरण,
जरूरत के अनुसार खेल नियमों में बदलाव और बाधामुक्त खेल वातावरण विकसित करने की बात
कही।
अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित ब्रिजवाटर स्टेट यूनिवर्सिटी में आयोजित आईओटीईआईआर-2026
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रो. ठाकुर ने प्रौद्योगिकी आधारित स्मार्ट मूल्यांकन
: चुनौतियां, अवसर और हरियाणा खेल विश्वविद्यालय का अनुभव विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत
किया। इसमें सुरक्षित डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने, ऑनलाइन परीक्षाओं
और इंटर्नशिप संबंधी कार्यों, डिजिटल शुल्क भुगतान, छात्रवृत्ति वितरण तथा परिणाम घोषित
करने जैसी तकनीकी पहलों की जानकारी दी गई। शोध में तकनीक आधारित मूल्यांकन की चुनौतियों
और अवसरों पर भी चर्चा की गई।
हरियाणा
खेल विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने प्रो. योगेश चंद्र ठाकुर को बधाई देते हुए
कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विश्वविद्यालय के शोध और शैक्षणिक गतिविधियों की प्रस्तुति
उसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता, समावेशी शिक्षा, नवाचार और वैश्विक सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता
को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप
शिक्षा में तकनीक, नवाचार, समावेशन और अनुसंधान को लगातार बढ़ावा दे रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

