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विधानसभा में राज्य सभा वोटिंग पर दूसरे दिन भी हंगामा

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सीएम बोले निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा का नहीं था

चंडीगढ़, 18 मार्च (हि.स.)। हरियाणा में राज्य सभा चुनाव के दौरान क्रास वोटिंग के मुद्दे पर बुधवार को लगातार दूसरे दिन विधानसभा में हंगामा हुआ। हंगामा इतना बढ़ा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी तथा नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच तीखी बहस हुई। सदन में बहस के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दावा किया कि राज्य सभा चुनाव लड़ने वाला तीसरा विधायक भाजपा का नहीं था। इस मुद्दे पर सदन में 26 मिनट तक हंगामा चलता रहा।

बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद गन्नौर से निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान ने मंगलवार को हुए विवाद का हवाला देते हुए अपनी बात रखनी शुरू की। देवेंद्र कादियान ने कहा कि राज्य सभा चुनाव में सतीश नांदल को निर्दलीय विधायकों ने खड़ा किया था। देवेंद्र कादियान का विरोध करते हुए कांग्रेस के विधायक खड़े हो गए और उन्होंने स्पीकर द्वारा उन्हें सदन में बात रखने पर आपत्ति जताई। शोरगुल के बीच संसदीय कार्यमंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि लोकतंत्र के हनन का आरोप लगाने वाली कांग्रेस बताए कि वर्ष 2009 में हुड्डा सरकार के गठन के लिए हजकां को तोड़ा गया और सरकार बनाई गई। भाजपा पर आरोप लगाने की बजाए कांग्रेस अपने विधायकों को संभाले।

पूर्व स्पीकर रघुबीर कादियान ने स्पीकर हरविंद्र कल्याण को कहा कि उन्हें मंगलवार को बोलने नहीं दिया और आज चर्चा हो रही है। हंगामा बढ़ते देख मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभाला और कहा कि सतीश नांदल भाजपा के प्रत्याशी है। भाजपा ने संजय भाटिया को चुनाव मैदान में उतारा था और वह जीत गए थे। सतीश नांदल ने निर्दलीय होने के नाते भाजपा और कांग्रेस विधायकों से समर्थन मांगा। विधायकों ने उन्हें वोट दिया। इसके बावजूद गीता भुक्कल ने भाजपा पर विधायकों को खरीदने के आरोप लगाकर लोकतंत्र का मजाक बनाया है। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र को अपमानित करने के लिए कांग्रेस विधायकों को माफी मांगनी चाहिए।

इस हंगामें में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने वर्ष 2009 में हुए चुनाव के दौरान इनेलो द्वारा रणबीर गंगवा तथा उसके बाद राम कुमार कश्यप को राज्य सभा प्रत्याशी बनाने की घटनाओं को सदन में रखा। इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा तथा अशोक अरोड़ा के बीच भी बहस हुई। करीब 26 मिनट तक कांग्रेस तथा भाजपा विधायकों के बीच चली तीखी बहस के बाद स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए विधानसभा कार्य संचालन नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सभा चुनाव उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं। यह विषय सदन के बाहर का है। ऐसे में इस बारे में सदन में चर्चा नहीं हो सकती। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए इस विवाद को शांत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा