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पर्यटन निगम की दो सरकारी गाडिय़ों की लॉगबुक गायब

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सूचना आयोग ने दिए जांच के आदेश

15 दिन में देना होगा शपथ पत्र, एमडी से मांगी रिपोर्ट

चंडीगढ़, 08 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा पर्यटन निगम के दो सरकारी वाहनों की मांगी गई अवधि की लॉगबुक उपलब्ध नहीं होने पर हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने निगम के प्रबंध निदेशक को तथ्यात्मक जांच कराने की सिफारिश करते हुए संबंधित जन सूचना अधिकारी से 15 दिन में शपथपत्र मांगा है।

आयोग ने यह भी कहा है कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही, कर्तव्य में चूक या सरकारी रिकॉर्ड को जानबूझकर नष्ट करने की बात सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। यह मामला अपीलकर्ता मुख्तियार सिंह की आरटीआई याचिका से जुड़ा है। उन्होंने सात नवंबर 2024 को हरियाणा पर्यटन निगम से सूचना मांगी थी। जन सूचना अधिकारी की ओर से 26 और 27 दिसंबर 2024 को जवाब दिया गया, लेकिन अपीलकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने पहली अपील भी दायर की।

मामला आगे राज्य सूचना आयोग पहुंचा और 17 सितंबर 2026 को राज्य सूचना आयुक्त डॉ.अजय कुमार सूरा के समक्ष सुनवाई हुई। अपीलकर्ता ने विशेष रूप से दो वाहनों की लॉगबुक की जानकारी मांगी थी। इनमें वाहन संख्या एचआर70जीवी2401 और एचआर70जीवी7387 शामिल हैं। मांगी गई अवधि एक जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर 2024 तक की थी। उनका कहना था कि उन्हें दी गई जानकारी पूरी अवधि को कवर नहीं करती। पहले वाहन की लॉगबुक 22 जून 2023 से उपलब्ध कराई गई, जबकि दूसरे वाहन की जानकारी 22 मई 2022 के बाद की अवधि तक ही दी गई थी।

सुनवाई के दौरान हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से पेश अमरीक सिंह ने आयोग को बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सूचना 30 मार्च 2026 को अपीलकर्ता को दी जा चुकी है। हालांकि, दोनों वाहनों की शेष अवधि की लॉगबुक कार्यालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है और उसे तलाशने के बावजूद नहीं पाया जा सका। उन्होंने संभावना जताई कि रिकॉर्ड निर्धारित अवधि के बाद नष्ट कर दिया गया हो या कबाड़ घोषित किए गए वाहनों के साथ नष्ट हुआ हो।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित लॉगबुक वास्तव में तैयार की गई थीं या नहीं, बाद में उन्हें नष्ट या अनुपयोगी घोषित किया गया था या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं। यह भी जांचा जाएगा कि रिकॉर्ड किसी अन्य कार्यालय या अधिकारी के पास तो उपलब्ध नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा