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जींद : डाहौला के खेतों में टूटी माइनर, 80 एकड़ जमीन जलमग्र

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जींद : डाहौला के खेतों में टूटी माइनर, 80 एकड़ जमीन जलमग्र


जींद, 12 जून (हि.स.)। गांव डाहौला के खेतों में शुक्रवार को बधाना माइनर के ओवरफलो होकर टूटने से करीब 80 एकड़ जमीन जलमग्र हो गई। किसानों ने माइनर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही सिंचाई के जेई आसिफ अपने दलबल के मौके पर पहुंचे और जेसीबी की सहायता से टूटी माइनर को बंद करने का प्रयास किया लेकिन पीछे से पानी के तेज बहाव के कारण माइनर बंद नहीं हो पाई। माइनर टूटने से किसानों के खेतोंं में खड़ी धान की पौध, हरा चारा तथा बोरवेल खराब हो गए हैं। जिसके कारण किसानों में जिला प्रशासन के खिलाफ रोष है। किसानों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही और समय पर माइनर की साफ-सफाई न होने के कारण माइनर टूट गई। किसानों ने बताया कि माइनर के किनारे काफी समय से कमजोर हो चुके थे। जिसकी शिकायत भी कई बार सिंचाई विभाग को दी गई थी लेकिन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

शुक्रवार को अचानक माइनर टूट गई, जिससे तेज बहाव के साथ पानी खेतों में घुस गया और करीब 80 एकड़ जमीन जलमग्र हो गई। सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो जमीन जलमग्र होते देख उनके होश उड़ गए। किसानों ने तुरंत इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते माइनर की मरम्मत कर दी जाती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। इस दौरान किसानों की धान की पौध, हरा चारा तथा बोरबल खराब हो गए।

सिंचाई विभाग के जेई आसिफ ने बताया कि रात को तेज अंधड़ के कारण वृक्षों की टहनियां तथा पत्ते गिरकर माइनर ब्लॉक हो गई और खेतों में टूट गई। विभाग ने जेसीबी की सहायता से बंद करने का प्रयास किया लेकि न जेसीबी के लिए कम जगह पडऩे के कारण जेसीबी मशीन लगने में दिक्कत आ रही है। जिसके चलते रेत के कट्टों की सहायता से माइनर को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। पीछे से पानी भी बंद करवा दिया है। जिसके कारण जल्द ही माइनर में आई दरार को बंद करवा दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा