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जातिगत भेदभाव की सोच लोकतंत्र के लिए खतरा : जितेंद्र बघेल

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जातिगत भेदभाव की सोच लोकतंत्र के लिए खतरा : जितेंद्र बघेल


खडग़े के मंच के शुद्धिकरण मामले पर कांग्रेस के हरियाणा सह प्रभारी ने भाजपा को घेरा

राजनीतिक विरोध की आड़ में सामाजिक अपमान बर्दाश्त नहीं

चंडीगढ़, 13 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस के हरियाणा सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र बघेल ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के संबोधन के बाद मंच के शुद्धिकरण मामले पर भाजपा सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि जातिगत भेदभाव की सोच लोकतंत्र के लिए खतरा है। बघेल ने घटना को संविधान की समानता और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि यदि घटना सामने आए तथ्यों के अनुरूप हुई है तो यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव की मानसिकता का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने भाजपा से अपना रुख स्पष्ट करने और नैनीताल पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बघेल ने कहा कि दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खडग़े न केवल देश के वरिष्ठतम नेताओं में शामिल हैं, बल्कि वे कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा है। संसद से लेकर जन आंदोलनों तक उन्होंने गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया है। ऐसे वरिष्ठ नेता के जनता को संबोधित करने के बाद मंच का कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ किया जाना केवल राजनीतिक विरोध का विषय नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक समरसता और समानता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि देश के सामने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े अनेक गंभीर मुद्दे हैं। कांग्रेस सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

बघेल ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है तथा छुआछूत को समाप्त करता है। आजादी के दशकों बाद भी यदि किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान के आधार पर ‘शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ जैसी सोच सामने आती है तो यह पूरे समाज के लिए चिंताजनक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा