गुरुग्राम: सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला को बंधक बनाने वाला फर्जी आईडी पर चलाता था कैब
-पूछताछ में आरोपी ने महिला से हैरेसमेंट की बात स्वीकार
गुरुग्राम, 29 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली एयरपोर्ट से गुरुग्राम आ रही महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ बदसलूकी और बंधक बनाने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नूंह के घासेड़ा गांव निवासी यासिर (26) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने महिला से हैरेसमेंट की बात स्वीकार की है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी उबर पर फर्जी आईडी से कैब चला रहा था। ऐप पर उसने जाहिद खान के नाम से फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी। 26 अक्टूबर को तडक़े करीब चार बजे सॉफ्टवेयर इंजीनियर तनीषा ने दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 से गुरुग्राम के लिए उबर कैब बुक की थी। ऐप पर किराया 625 रुपये दिख रहा था। तनीषा के अनुसार यह 20 मिनट की ट्रिप थी। आरोप है कि ट्रिप खत्म होने पर ड्राइवर ने रैपिडो ऐप का स्क्रीनशॉट दिखाया, जिसमें 1,479 रुपये किराया दिख रहा था और उसी रकम की मांग करने लगा। तनीषा ने कहा कि उसने उबर बुक की है, रैपिडो नहीं, तो वह उबर वाला किराया ही देगी।
तनीषा ने बताया कि उसने 625 रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन ड्राइवर ने कार लॉक कर दी और सामान नहीं निकालने दिया। सामान निकालने की कोशिश करने पर ड्राइवर ने उसका हाथ मरोड़ दिया और खिडक़ी बंद कर दी। किसी तरह सामान लेकर जब वह घर के अंदर जाने लगी तो आरोपी उसके पीछे आ गया। घर का गेट खोलने की कोशिश की, गाली-गलौज की और गेट पर चढक़र जान से मारने की धमकी दी।
तनीषा ने 26 अक्टूबर को पूरी घटना को लेकर ङ्ग पर ट्वीट किया था। गुरुग्राम पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ने पोस्ट पर तुरंत संज्ञान लिया और ङ्ग के जरिए ही पीडि़ता से संपर्क कर जानकारी जुटाई। एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए थाना पालम विहार में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद थाना पालम विहार और क्राइम ब्रांच सेक्टर-39 की संयुक्त टीम ने लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब जांच कर रही है कि आरोपी ने फर्जी आईडी क्यों और किसकी मदद से बनाई थी। क्या वह पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

