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गुरुग्राम: नगर निगम के जेई व ठेकेदारों को दिया सडक़ की धूल व वायु प्रदूषण से निपटने का प्रशिक्षण

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गुरुग्राम: नगर निगम के जेई व ठेकेदारों को दिया सडक़ की धूल व वायु प्रदूषण से निपटने का प्रशिक्षण


-मिशन प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम के तहत ठेकेदारों एवं जूनियर इंजीनियर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला

गुरुग्राम, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मिशन प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम अभियान के तहत नगर निगम गुरुग्राम द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और सडक़ की धूल का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। सेक्टर-10 स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित कार्यशाला में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस कार्यशाला में नगर निगम के ठेकेदारों एवं जूनियर इंजीनियरों को सडक़ की धूल के प्रभावी प्रबंधन, निर्माण एवं रखरखाव कार्यों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और निर्धारित मानकों के अनुपालन के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार उपस्थित रहे। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कामेश, नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर कुलदीप हिन्दुस्तानी तथा आईईसी विशेषज्ञ प्रिंका यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि गुरुग्राम में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों, जूनियर इंजीनियरों और ठेकेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सडक़ निर्माण, मरम्मत और अन्य विकास कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों को अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यस्थलों पर नियमित निगरानी रखी जाए।

डब्ल्यूआरआई इंडिया की ओर से रितेश, आदित्य एवं दीप पोनीकर ने प्रतिभागियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान सडक़ की धूल के प्रमुख स्रोतों की पहचान करने, धूल को नियंत्रित करने के व्यावहारिक उपाय अपनाने तथा निर्माण एवं रखरखाव संबंधी कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि सडक़ निर्माण, मरम्मत, उपयोगिता सेवाओं से जुड़े कार्यों और निर्माण सामग्री के अनुचित रखरखाव के कारण धूल फैलने की आशंका रहती है। ऐसे में कार्यस्थलों पर उचित प्रबंधन और नियमित निगरानी आवश्यक है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर