कैथल: सीआईए-2 हिसार के चार पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में दोषी, दाे-दाे साल कैद
कैथल, 02 अप्रैल (हि.स.)। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तुषार शर्मा की अदालत ने भ्रष्टाचार के एक चर्चित मामले में सीआईए-2 हिसार के चार पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए दो-दो साल की कैद और दाे-दाे हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीए डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार ने थाना ढांड में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार प्रदीप के छोटे भाई अमरजीत ने कुछ व्यक्तियों से लाखों रुपये लेने की बात बताई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। बताया गया कि एक व्यक्ति द्वारा दिया गया नाै लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया था। बाद में गाड़ी लेने के बहाने अमरजीत के रिश्तेदार को हिसार भेजा गया, जहां से गाड़ी लेकर लौटते समय सीआईए-2 हिसार की टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में लेकर मारपीट की और नाै लाख रुपये की मांग करते हुए केस रफा-दफा करने का दबाव बनाया। इसी दौरान परिजनों को सूचना मिली कि अमरजीत ने बस के नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
शिकायत के आधार पर ढांड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कुछ आरोपियों को केस से बाहर कर दिया गया, जबकि सीआईए-2 हिसार के एएसआई फूल सिंह, हेड कांस्टेबल मक्खन लाल, बलजीत सिंह और सिपाही जगत सिंह के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की गई।
अदालत में कुल 21 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों पुलिसकर्मियों सीआईए-2 हिसार के एएसआई फूल सिंह, हेड कांस्टेबल मक्खन लाल, बलजीत सिंह और सिपाही जगत सिंह को भ्रष्टाचार का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

