कैथल: सात हजार घरों के सर्वे में चार जगह मिला मच्छर का लारवा
कैथल, 02 मई (हि.स.)। जिले में मलेरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे अभियान तेज कर दिया है। ताजा सर्वे में 7,442 घरों की जांच की गई, जिनमें से चार स्थानों पर मच्छरों का लार्वा मिला। विभाग ने संबंधित मकान मालिकों और दुकानदारों को नोटिस जारी करते हुए तुरंत सफाई और पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक जिले में कुल 1,45,629 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इस दौरान 13 स्थानों पर लार्वा मिलने के मामले सामने आए हैं, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। सर्वे के साथ-साथ टीमों द्वारा लोगों को मलेरिया और डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।
पिछले साल जिले में मलेरिया का एक केस सामने आया था, जबकि डेंगू के 90 और चिकनगुनिया के 3 मामले दर्ज किए गए थे। इस बार इन बीमारियों की रोकथाम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं, जिनमें हेल्थ कर्मी और आशा वर्कर शामिल हैं। ये टीमें घर-घर जाकर कूलर, फ्रिज, गमलों, छतों पर पड़े पुराने सामान और आसपास जमा पानी की जांच कर रही हैं।
इसके अलावा, तालाबों में मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए गंबुजिया मछली भी छोड़ी जा रही है, जो लार्वा को खाकर उनकी संख्या नियंत्रित करती है।
जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर सर्वे किया जा रहा है। अब तक 13 स्थानों पर लार्वा मिला है, जिसे नष्ट कर दिया गया है और संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

