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कैथल : डीसी ने किया गांव सांपन खेड़ी में बन रहे भगवान परशुराम मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण

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कैथल : डीसी ने किया गांव सांपन खेड़ी में बन रहे भगवान परशुराम मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण


कैथल, 17 मार्च (हि.स.)। डीसी अपराजिता ने गांव सांपन खेड़ी में निर्माणाधीन भगवान परशुराम राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का बारीकी से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में सबसे पहले अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। जहां सात मंजिला भवन में जमीनी तल सहित प्रत्येक मंजिल पर बनाए जा रहे चिकित्सीय कक्ष, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, के बारे में नक्शे के माध्यम से जानकारी ली। उन्होंने शैक्षणिक ब्लॉक, छात्रावास तथा रेजिडेंट डॉक्टरों के आवासीय परिसर का एक-एक कर अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली तथा कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने बिल्डिंग प्लान का बारीकी से अवलोकन किया। हरियाणा सरकार द्वारा आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार इसकी प्रगति को लेकर निर्देश देते हैं, ताकि कैथल के लोगों को जल्द से जल्द इस कॉलेज की सेवाएं मिल सकें। करीब 935 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में निर्माण कार्य का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के बाद कैथल सहित आसपास के जिलों के लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। अभी गंभीर मरीजों को इलाज के लिए चंडीगढ़, रोहतक पीजीआई या कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थानों में रेफर करना पड़ता है। नए मेडिकल कॉलेज के संचालन से इस समस्या में काफी हद तक कमी आएगी।530 बेड का आधुनिक अस्पताल और 100 एमबीबीएस सीटेंडीसी अपराजिता ने बताया कि करीब 20 एकड़ भूमि पर कैथल-करनाल रोड स्थित गांव सांपन खेड़ी में बन रहे इस मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं से युक्त 530 बिस्तरों वाला बहुमंजिला अस्पताल भवन तैयार किया जा रहा है। इसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और कई मंजिलें शामिल हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। कॉलेज में परीक्षा हॉल सहित सभी आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य काफी तेजी से हो रहा है। छात्रों और स्टाफ के लिए आधुनिक सुविधाएंडीसी अपराजिता ने बताया कि परियोजना के तहत छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, जिनमें लड़कों के लिए 350 और लड़कियों के लिए 250 क्षमता के छात्रावास तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों तथा क्लास-1 व क्लास-2 अधिकारियों के लिए आवासीय ब्लॉक भी तैयार किए जा रहे हैं। मेडिकल उपकरण, फर्नीचर, बाहरी विकास कार्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी परियोजना में शामिल किया गया है। उपायुक्त अपराजिता ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों व संबंधित एजेंसी को निर्धारित समय अवधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। करीब 935 करोड़ रुपये की लागत से यह कालेज बनाया जा रहा है, जहां कार्य तेजी से प्रगति पर है और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सरकार द्वारा मेडिकल कालेज के लिए निदेशक की नियुक्ति कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज के पूर्ण रूप से शुरू होने के बाद कैथल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही युवाओं को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे