कैथल: डिजिटल हाेगी जनगणना, अधिकारियाें व कर्मचारियाें का प्रशिक्षण शुरु
कैथल, 05 मार्च (हि.स.)। डीसी अपराजिता ने कहा है कि देश के विकास और उन्नति के लिए जनगणना बहुत महत्वपूर्ण है। इसी के आधार पर ही रिसर्च, प्लानिंग आदि व्यवस्थाओं का आधार मानकर ही कार्य किया जा जाता है। वर्ष 2011 में जनगणना हुई थी और अब इस वर्ष से जनगणना की जाएगी। इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से होगी। इसलिए इस कार्य में लगे सभी अधिकारी व कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और इसे समयबद्ध एवं त्रुटिहीन रूप से संपन्न करें।
डीसी अपराजिता गुरुवार को जाट कॉलेज के हॉल में जनगणना को लेकर आयोजित प्रशिक्षण के दौरान संबोधित कर रही थी। डीसी ने कहा कि जनगणना से देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा विभिन्न संसाधनों की सटीक जानकारी प्राप्त होती है। जनगणना को लेकर दिए जा रहे प्रशिक्षण को अच्छे प्राप्त करें। यदि कोई समस्या आ रही है तो प्रशिक्षक से जरूर पूछें। इस राष्ट्रीय दायित्व को पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया सीधे तौर पर केंद्र सरकार की निगरानी में है और भविष्य की सभी सरकारी नीतियों, पेंशन योजनाओं व जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का मुख्य आधार बनेगी। डेटा प्रविष्टि में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। फील्ड स्टाफ को किसी भी तकनीकी या व्यावहारिक समस्या के समाधान के लिए अपने सुपरवाइजर सहित अन्य जिला अधिकारियों से संपर्क करने की छूट है।
सहायक निदेशक कविता पंचाल ने कहा कि जनगणना को लेकर प्रशिक्षण पांच व छह मार्च को दिया जाएगा। इसके बाद 19 व 21 मार्च को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। एसडीएम, चार्ज ऑफिसर सहित अन्य अधिकारियों की क्या-क्या जिम्मेदारियां रहेंगी। इसकी विस्तृत जानकारी प्रशिक्षण में प्रदान की जाएगी। जनगणना के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और मैटिरियल वितरण कैसे होगा व अन्य विषयों पर गहनता से जानकारी प्रदान की जाएगी। इस मौके पर डीआरओ चंद्र मोहन, जिला सांख्यिकी अधिकारी निर्मल देवी, प्लानिंग अधिकारी विजेंद्र के अलावा अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

