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कैथल: एक सप्ताह में करें महिला यौन उत्पीड़न समितियों का गठन : डीसी अपराजिता

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कैथल: एक सप्ताह में करें महिला यौन उत्पीड़न समितियों का गठन : डीसी अपराजिता


कैथल, 09 मार्च (हि.स.)। डीसी अपराजिता ने कहा है कि पोश एक्ट के तहत जिले में सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) का गठन करना अनिवार्य है। दस कर्मचारियों से अधिक संख्या होने पर कार्यस्थल पर महिला यौन उत्पीड़न रोकने के लिए इस कमेटी का गठन किया जाना अनिवार्य है। सभी संस्थानों में एक सप्ताह में पोस एक्ट के इन समितियों का गठन किया जाए।

डीसी अपराजिता सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में पोश एक्ट के अंतर्गत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रही थी। उन्हाेंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्यस्थल पर यदि किसी महिला को परेशानी है तो विभाग में गठित इस समिति में उसकी सुनवाई की जाएगी। इस समिति का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है। कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध ओर निवारण के लिए दी सैक्सुअल हरासमेंट ऑफ वूमैन एट वर्क प्लेस (पोश) एक्ट लागू है। इस कानून के तहत प्रत्येक सरकारी, निजी संस्था, विद्यालय, कॉलेज एवं कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला की शिकायत इस समिति के समक्ष आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच, समयबद्ध कार्रवाई और समाधान सुनिश्चित करना है। डीसी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक खंड, तहसील, शहरी क्षेत्र में प्रत्येक नगरपालिका वार्ड में पीओएसएच अधिनियम 2013 की धारा 6 (2) के अनुसार एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। नामित नोडल अधिकारी शिकायतों को प्राप्त करने और निर्धारित समय के भीतर संबंधित स्थानीय समिति को अग्रेषित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इस विषय पर अंकुर अग्रवाल द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, डीएसपी गुरविंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, डीईओ सुभाष, डीएसओ राज रानी, एलडीएम सुमन कुमार, ज्योति के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे